टेस्ट क्रिकेट आज के वक्त में काफी बदल गया है, क्योंकि इस पर टी20 क्रिकेट का भी असर हो रहा है. इसी के कारण आज के टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं और मैच को जल्दी खत्म करते हैं. आज के आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाज पहली गेंद से डिफेंस करना नहीं सोचते हैं, बल्कि वे बड़े-बड़े शॉट्स लगाने और रिवर्स स्वीप या रैंप शॉट खेलने से भी नहीं हिचकते हैं. लेकिन, आज के टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज कितनी भी आक्रामक बल्लेबाजी करें और रन बनाएं, एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे टूटने के लिए टेस्ट क्रिकेट को फिर से जन्म लेना पड़ सकता है. सन 1997 में कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में एक ऐसा इतिहास रचा गया था, जिसे आज भी टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा और लगभग 'असंभव' लगने वाला रिकॉर्ड माना जाता है. भारत के खिलाफ श्रीलंका क्रिकेट टीम द्वारा बनाए गए 6 विकेट पर 952 रनों के स्कोर को आज करीब तीन दशक होने वाले हैं, लेकिन कोई भी टीम इस आंकड़े के आस-पास भी नहीं पहुंच सकी है. क्या श्रीलंका का यह महा-रिकॉर्ड कभी टूट पाएगा, और अगर हां, तो इसके लिए किस तरह की परिस्थितियां जिम्मेदार होंगी? चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं.
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