July 11, 2026

इंदौर: पुण्योदय प्रकल्प में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बांटी 40 हजार कॉपियां, सेवा का दिया संदेश| Navbharat Live

Updated On: Jul 11, 2026 | 08:12 PM IST विज्ञापन सार Punyodaya Project: इंदौर के बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लगभग 8 हजार विद्यार्थियों को कॉपियों का वितरण किया,यहाँ सीएम ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता बताई । Read more

July 11, 2026

Alliance Twist: डॉली जावेद के सपोर्ट में उतरीं बहन उर्फी जावेद, रीवा किशन को कहा- पिछले जनम में सांप थी क्या| Navbharat Live

Updated On: Jul 11, 2026 | 08:11 PM IST विज्ञापन सार Urfi Javed Instagram Story: 'अलायंस' से डॉली जावेद के एविक्शन के बाद उर्फी जावेद ने रवि किशन की बेटी रीवा किशन पर निशाना साधा है। उर्फी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर रीवा को लेकर विवादित टिप्पणी की। Read more

July 11, 2026

विकास की धंसती सड़कें और भ्रष्टाचार की गहरी नींवें - प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com

-ः ललित गर्ग:- जिस दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को आधुनिक भारत के तेज, सुरक्षित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसकी सड़क उद्घाटन के महज ढाई महीने बाद पहली ही बरसात में धंस गई। सड़क इस तरह धंसी कि कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर विकास की चमकदार तस्वीर के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया। प्रश्न यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पहली ही वर्षा का सामना क्यों नहीं कर सकी? क्या निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया? क्या जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं थी? या फिर यह भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही के अभाव का परिणाम है? यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में नई सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों और सार्वजनिक भवनों के ध्वस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। बिहार में एक पखवाड़े के भीतर लगभग एक दर्जन छोटे-बड़े पुलों का गिर जाना पूरे देश को झकझोर गया था। एक ही दिन पांच पुल-पुलियों का धराशायी होना केवल तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार का जीवंत प्रमाण था। गुजरात के मोरबी पुल हादसे में 135 लोगों की जान चली गई। कोलकाता के विवेकानंद फ्लाईओवर के गिरने से अनेक परिवार उजड़ गए। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत गिरने की घटना और मुंबई के घाटकोपर में विशाल होर्डिंग गिरने से हुई मौतों ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता गंभीर संकट से गुजर रही है। इन घटनाओं को केवल प्राकृतिक आपदा या भारी वर्षा का परिणाम बताकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। यदि पहली ही बारिश में सड़क धंस जाए, पुल बह जाएं या भवनों की छतें गिर जाएं, तो यह प्रकृति की नहीं, बल्कि मानव निर्मित विफलता की एवं गहरे में पैठे भ्रष्टाचार की कहानी है। आधुनिक इंजीनियरिंग और तकनीक के इस युग में ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं। यह विकास नहीं, बल्कि विकास के नाम पर जनता के साथ किया गया विश्वासघात है। सड़कें और पुल किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति की धमनियां होते हैं। इनके माध्यम से व्यापार चलता है, गांव शहरों से जुड़ते हैं, किसान अपनी उपज बाजार तक पहुंचाते हैं और आम नागरिक सुरक्षित आवागमन करते हैं। जब यही आधारभूत संरचनाएं असमय ध्वस्त होने लगें, तो केवल कंक्रीट और लोहे का ढांचा नहीं टूटता, बल्कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास भी टूटता है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सड़क धंसने के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर और टीम लीडर को निलंबित किया तथा निर्माण कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या केवल निलंबन से समस्या का समाधान हो जाएगा? अनुभव बताता है कि अधिकांश मामलों में निलंबित अधिकारी कुछ समय बाद बहाल हो जाते हैं या उनका स्थानांतरण कर दिया जाता है। जिन कंपनियों को काली सूची में डाला जाता है, वे कुछ समय बाद नए नाम से फिर सरकारी ठेके प्राप्त करने लगती हैं। परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार का चक्र लगातार चलता रहता है। वास्तविक समस्या जवाबदेही के अभाव की है। निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया-डिजाइन, सामग्री, तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय नहीं होती। जब दोषियों को कठोर दंड नहीं मिलता, तब भ्रष्टाचार को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष बरसात के साथ सड़कें उखड़ती हैं, पुलों में दरारें पड़ती हैं और करोड़ों रुपये की परियोजनाएं समय से पहले दम तोड़ देती हैं। देश में सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी की भेंट चढ़ जाता है। ठेके हासिल करने से लेकर बिलों के भुगतान तक अनेक स्तरों पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। जब परियोजना की लागत का बड़ा भाग अवैध लेन-देन में खर्च हो जाता है, तब निर्माण की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। घटिया सामग्री का उपयोग, तकनीकी मानकों की अनदेखी और समय सीमा का दबाव मिलकर ऐसी संरचनाएं तैयार करते हैं जो पहली ही परीक्षा में असफल हो जाती हैं। विडंबना यह भी है कि प्रत्येक दुर्घटना के बाद जांच समितियां गठित होती हैं, रिपोर्टें तैयार होती हैं, मुआवजे घोषित होते हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं आता। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध मुकदमे वर्षों तक लंबित रहते हैं। जनता का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हो जाता है और फिर कोई नई दुर्घटना उसी कहानी को दोहरा देती है। विकसित देशों में भी दुर्घटनाएं होती हैं, किंतु वहां प्रत्येक हादसे के बाद प्रणालीगत सुधार किए जाते हैं। भारत में सुधार की अपेक्षा लीपापोती अधिक दिखाई देती है। अब समय आ गया है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए पूरी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया जाए। प्रत्येक परियोजना के लिए स्वतंत्र थर्ड-पार्टी गुणवत्ता ऑडिट अनिवार्य किया जाए। निर्माण सामग्री की डिजिटल ट्रैकिंग, प्रत्येक चरण का तकनीकी सत्यापन तथा ड्रोन और आधुनिक सेंसर आधारित निरीक्षण को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। परियोजना पूरी होने के बाद केवल उद्घाटन नहीं, बल्कि निश्चित अवधि तक उसके प्रदर्शन का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए। सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता यह है कि दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की व्यक्तिगत एवं आर्थिक जवाबदेही तय हो। यदि उनकी लापरवाही से जनहानि होती है या सार्वजनिक धन की बर्बादी होती है, तो केवल निलंबन नहीं, बल्कि सेवा से बर्खास्तगी, आर्थिक दंड और आपराधिक मुकदमे जैसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक भ्रष्टाचार की कीमत चुकानी नहीं पड़ेगी, तब तक भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा। भारत आज विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, आर्थिक गलियारे, हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हवाई अड्डे और स्मार्ट शहर तभी सार्थक होंगे, जब उनकी नींव ईमानदारी, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर आधारित होगी। विकास का अर्थ केवल नई परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि उनका वर्षों तक सुरक्षित और टिकाऊ बने रहना भी है। आज आवश्यकता केवल नई सड़कें और पुल बनाने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिसमें कोई भी सड़क पहली बारिश में न धंसे, कोई पुल उद्घाटन से पहले न गिरे और कोई हवाई अड्डा यात्रियों के लिए खतरा न बने। भ्रष्टाचार की गहरी नींव पर विकास की मजबूत इमारत कभी खड़ी नहीं हो सकती। यदि भारत को वास्तव में विकसित राष्ट्र बनना है, तो विकास की चमक के साथ उसकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को भी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना होगा। तभी जनता का विश्वास बचेगा, सार्वजनिक धन सुरक्षित रहेगा और विकास का मार्ग सचमुच मजबूत एवं स्थायी बन सकेगा।

July 11, 2026

यूरोप में भी अब भारत जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन ने जून की हीटवेव को बना दिया और खतरनाक - प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com

एक समय था जब भीषण गर्मी की खबरें ज़्यादातर भारत, पाकिस्तान या पश्चिम एशिया से आती थीं। यूरोप की पहचान अपेक्षाकृत ठंडे मौसम वाले महाद्वीप के रूप में होती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। इस साल जून के आखिरी दिनों में पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी को लेकर आई नई वैज्ञानिक रिपोर्ट कहती है कि यह सिर्फ मौसम की एक सामान्य घटना नहीं थी। मानवजनित जलवायु परिवर्तन ने इसे पहले की तुलना में कहीं अधिक गर्म और खतरनाक बना दिया। Read more

July 11, 2026

नीता अंबानी देश की सबसे पावरफुल महिला: फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में नंबर 1 पर; टॉप-10 में ईशा अंबानी भी शामिल

नई दिल्ली9 घंटे पहले कॉपी लिंकरिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी फॉर्च्यून इंडिया की सबसे पावरफुल टॉप-100 महिलाओं की लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया हैं। यह सम्मान उन्हें लीडरशिप और समाज सेवा के लिए मिला है। Read more

July 11, 2026

विंबलडन में हार के बाद जोकोविच ने फैंस का शुक्रिया अदा किया, सिनर को दी बधाई

सर्बियाई दिग्गज नोवाक जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल में यानिक सिनर से सीधे सेटों में हारकर बाहर हो गए। हार के बाद जोकोविच ने फैंस को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और सिनर के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। अब उनकी नजरें यूएस ओपन पर हैं।सर्बियाई दिग्गज नोवाक जोकोविच ने विंबलडन में अपने एक और यादगार अभियान के बाद फैंस का आभार व्यक्त किया। वर्ल्ड नंबर 1 यानिक सिनर के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के साथ उनका सफर समाप्त हो गया। उन्होंने समर्थकों को उनकी एनर्जी के लिए धन्यवाद दिया और सिनर के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। साथ ही, उन्होंने सिनर को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और इस प्रतिष्ठित इवेंट में वापसी की उम्मीद जताई। Read more

July 11, 2026

बेहद सोच-समझकर फैसला लें ये 5 राशियां, अस्त गुरु छीन सकते हैं आपकी खुशियां

अध्यात्म Authored by: मोहित तिवारीUpdated Jul 11, 2026, 08:00 PM ISTJupiter Combust 2026 : आने वाली 15 जुलाई को गुरु ग्रह अस्त होने जा रहे हैं। गुरु के अस्त होने से शुभ कार्यों पर रोक लगने के साथ ही कुछ राशि वालों को नुकसान होने के योग भी बनेंगे। Read more

July 11, 2026

मंत्री राजभर बोले- अखिलेश यादव ने मुझे तलाक दिया: तभी तो उन पर गुस्सा आता है, सपा-कांग्रेस दोनों दगे कारतूस - Ballia News

मंत्री राजभर बोले- अखिलेश यादव ने मुझे तलाक दिया:तभी तो उन पर गुस्सा आता है, सपा-कांग्रेस दोनों दगे कारतूसबलिया7 घंटे पहले कॉपी लिंकबलिया में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें तलाक दे दिया है। इसलिए जब भी उनका सामना होता है तो उन्हें गुस्सा आ जाता है। राजभर ने दावा किया कि सपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां दगी हुई कारतूस हैं। Read more

July 11, 2026

Samrat Choudhary Helicopter: आसमान में 4 मिनट तक फंसा रहा सीएम सम्राट चौधरी का हेलिकॉप्टर, थम गईं सांसें!

Published: Saturday, July 11, 2026, 19:57 [IST] Samrat Choudhary Helicopter Incident: बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के हेलिकॉप्टर ने उस समय सभी की धड़कनें बढ़ा दीं, जब उड़ान भरने के बाद वह करीब 150 फीट की ऊंचाई पर लगभग चार मिनट तक एक ही स्थान पर हवा में मंडराता रहा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Read more