July 11, 2026

बेहद सोच-समझकर फैसला लें ये 5 राशियां, अस्त गुरु छीन सकते हैं आपकी खुशियां

अध्यात्म

  • Authored by: मोहित तिवारी
  • Updated Jul 11, 2026, 08:00 PM IST

Jupiter Combust 2026 : आने वाली 15 जुलाई को गुरु ग्रह अस्त होने जा रहे हैं। गुरु के अस्त होने से शुभ कार्यों पर रोक लगने के साथ ही कुछ राशि वालों को नुकसान होने के योग भी बनेंगे।

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अस्त होंगे देवगुरु

Jupiter Combust 2026 : वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, विवाह, गुरु, उच्च शिक्षा, धन, न्याय और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु शुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को भाग्य का साथ, आर्थिक उन्नति, सामाजिक सम्मान और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है। वहीं, जब गुरु अस्त हो जाते हैं, तब उनके शुभ प्रभावों में कमी आने लगती है।

15 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में रहते हुए सूर्य के अत्यधिक निकट आने के कारण अस्त हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में किसी ग्रह का अस्त होना यह संकेत देता है कि उसका प्रभाव कुछ समय के लिए कमजोर हो जाता है। कर्क राशि में बृहस्पति उच्च माने जाते हैं, इसलिए इनका अस्त होना एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। उच्च राशि का बल होने के बावजूद सूर्य के तेज के कारण गुरु अपनी शुभ ऊर्जा को पूर्ण रूप से व्यक्त नहीं कर पाते है। गुरु करीब 12 अगस्त 2026 तक अस्त रहेंगे। ऐसे में शिक्षा, विवाह, संतान, करियर, निवेश, धार्मिक कार्य और बड़े निर्णयों में कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

क्या होता है असर

गुरु का अस्त होना हमेशा अशुभ नहीं माना जाता, लेकिन यह शुभ फलों की गति को धीमा कर सकता है। जिन कार्यों में गुरु की प्रमुख भूमिका होती है, जैसे विवाह, संतान प्राप्ति, उच्च शिक्षा, धार्मिक अनुष्ठान, बड़े निवेश, गुरु कृपा और भाग्य का सहयोग, उनमें विलंब या अपेक्षा से कम परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में पहले से ही गुरु कमजोर हों, तो इस अवधि में उनका प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है। वहीं जिनकी कुंडली में गुरु मजबूत हैं, उन्हें अपेक्षाकृत कम प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को लिए गुरु का अस्त होना अच्छा साबित नहीं होगा और इससे बचने के लिए क्या उपाय करें।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए गुरु का अस्त होना पारिवारिक और संपत्ति संबंधी मामलों में कुछ रुकावटें ला सकता है। घर, वाहन या भूमि से जुड़े निर्णयों में जल्दबाजी न करें। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। करियर में स्थिरता बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से तालमेल बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

उपाय: प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करने के साथ गुरुवार को भगवान विष्णु की आराधना करें। किसी मंदिर में पीले पुष्प अर्पित करें।

कर्क राशि

गुरु आपकी राशि में उच्च अवस्था में हैं, लेकिन उनके अस्त होने से आत्मविश्वास में कुछ कमी महसूस हो सकती है। करियर में जिस गति की उम्मीद थी, उसमें थोड़ी धीमापन आ सकता है। बड़े आर्थिक फैसले फिलहाल सोच-समझकर लें। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी होगी।

उपाय: प्रत्येक गुरुवार भगवान विष्णु का पीले फूलों से पूजन करें। 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र की 108 माला नहीं तो कम से कम 108 बार जप करें।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय खर्चों में वृद्धि का संकेत दे सकता है। विदेश यात्रा, कानूनी मामलों या बड़े निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। मानसिक दबाव से बचने के लिए नियमित ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों का सहारा लें। किसी पुराने विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास करें।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं। इसलिए गुरु का अस्त होना आपके जीवन पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। निवेश, लोन, टैक्स, बीमा और साझेदारी से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर जल्दबाजी में न करें। मानसिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन धैर्य रखने से परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होंगी।

उपाय: गुरुवार को केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और देसी घी का दीपक जलाएं।

मीन राशि

मीन राशि के स्वामी भी बृहस्पति हैं। इस दौरान प्रेम संबंध, संतान, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में अपेक्षा से धीमी प्रगति हो सकती है। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता होगी। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश में सतर्क रहें। परिवार में संवाद बनाए रखना लाभकारी रहेगा।

उपाय: भगवान सत्यनारायण या श्रीहरि विष्णु की पूजा करें। केसर मिला हुआ दूध भगवान विष्णु को अर्पित करें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari

मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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