October 2, 2026
सिर्फ 14% लोग ही UPI पर चार्ज देने को तैयार, सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): डिजिटल इंडिया के दौर में सब्जी के ठेले से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक स्मार्टफोन से यूपीआई (UPI) स्कैन करना आम भारतीय की दिनचर्या बन चुका है। पर्स में नकद पैसे रखने की आदत लगभग छूट चुकी है, लेकिन अब बड़े डिजिटल लेन-देन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पी2एम (P2M यानी पर्सन टू मर्चेंट) यूपीआई भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की तैयारी है। इस फैसले ने आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हाल ही में हुए एक बड़े देशव्यापी सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यदि ग्राहकों की जेब से एक भी अतिरिक्त पैसा कटा, तो वे यूपीआई का इस्तेमाल छोड़कर पुराने विकल्पों की तरफ लौट जाएंगे।
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