मुंबई, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की आशंकाओं में कमी आने के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी आने से भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान, प्रमुख बेंचमार्कों में 0.66 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
इस बीच, बीएसई सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी 50 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी आईटीसी में (5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त) देखने को मिली। इसके बाद, बीएसई और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी), श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, इटरनल, एनटीपीसी और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। वहीं इसके विपरीत, एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थ, एचडीएफसी बैंक, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, इंफोसिस और सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.67 प्रतिशत और 0.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा ने खराब प्रदर्शन किया।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि सोमवार को लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी रिकवरी (राहत भरी बढ़त) देखने को मिली।
एक्सपर्ट के अनुसार, इस रिकवरी को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कमजोर जॉब्स डेटा के बाद अमेरिका में ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सहारा मिल रहा है।
हालांकि, दिन के उच्चतम स्तर से आई गिरावट यह बताती है कि निवेशक अभी भी सतर्क हैं, खासकर ऊंचे ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, लगातार विदेशी निवेश की निकासी और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि फाइनेंशियल, आईटी और कंज्यूमर-सेक्टर के शेयर बाजार को सहारा दे रहे हैं, जबकि कुछ चुनिंदा आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में कमजोरी व्यापक स्तर पर भरोसे की कमी को दिखाती है। आगे चलकर, निवेशकों को कमाई की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए और रिकवरी के पीछे भागने के बजाय गिरावट के समय चुनिंदा शेयर खरीदने चाहिए।