केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने देश की कराधान प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से उन्नत और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आयकर नियमों में एक और महत्वपूर्ण संशोधन अधिसूचित कर दिया है। सरकार द्वारा जारी किए गए 'इनकम-टैक्स (चौथा संशोधन) नियम' के तहत संपत्ति व संपत्तियों का मूल्यांकन करने वाले रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स (Registered Valuers) और करदाताओं की ओर से विभागीय प्रक्रियाओं में उपस्थित होने वाले इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स (Income Tax Practitioners) के पंजीकरण, कार्यप्रणाली और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में दूरगामी बदलाव किए गए हैं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों में कार्यरत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, टैक्स सलाहकारों और रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स के लिए यह संशोधन सीधे तौर पर लागू हो चुका है। वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग ने इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक अधिसूचना जारी कर नए वैधानिक फॉर्म्स भी पेश कर दिए हैं।
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