September 21, 2026

Zerodha का नया Nifty Next 100 ETF लॉन्च: निवेश से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें

Published: Monday, September 21, 2026, 11:07 [IST]

जेरोधा फंड हाउस (Zerodha Fund House) ने आज अपने 'निफ्टी नेक्स्ट 100 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड' (Nifty Next 100 ETF) के लिए सब्सक्रिप्शन खोल दिया है। यह नया फंड निवेशकों को लार्ज-कैप और मिड-कैप शेयरों के बीच संतुलन बनाने की सुविधा देता है। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 21 सितंबर से 5 अक्टूबर तक खुला रहेगा। निवेशक Zerodha के Coin प्लेटफॉर्म या MyCAMS के जरिए न्यूनतम ₹1,000 के निवेश से इसमें आवेदन कर सकते हैं। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद इसके यूनिट्स की ट्रेडिंग एक्सचेंज पर शुरू हो जाएगी।

निफ्टी नेक्स्ट 100 इंडेक्स में फ्री-फ्लोट मार्केट वैल्यू के आधार पर चुनी गई निफ्टी नेक्स्ट 50 की सभी कंपनियों और निफ्टी मिडकैप 150 की टॉप 50 कंपनियों का कॉम्बिनेशन शामिल है। सेक्टर्स की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी फाइनेंशियल सर्विसेज (22.59%) और कैपिटल गुड्स (14.35%) की है, जिसके बाद हेल्थकेयर, ऑटो और पावर सेक्टर्स आते हैं। पुराने आंकड़ों को देखें तो 1 से ज्यादा बीटा होने की वजह से इसमें निफ्टी 50 के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया है, इसलिए इसमें निवेशकों को धैर्य रखने की जरूरत होगी।

Zerodha Nifty Next 100 ETF NFO: Investment Guide, Key Dates, and Details for 2026
आइटमविवरण
NFO विंडो21 सितंबर–5 अक्टूबर, 2026
NFO के दौरान न्यूनतम निवेश₹1,000
क्रिएशन यूनिट साइज6,10,000 यूनिट्स
कहाँ आवेदन करेंCoin by Zerodha, MyCAMS; लिस्टिंग के बाद ब्रोकर/डिमैट के जरिए
टैक्स (मौजूदा इक्विटी नियम)LTCG: ₹1.25 लाख से अधिक पर 12.5%; STCG: 20% प्लस सेस/सरचार्ज
एक्सपेंस रेशियोSEBI की सीमाओं के अनुसार TER; दैनिक TER ऑनलाइन डिस्क्लोज होगा; IM फीस हेडरूम 0.90% (अनुमानित) तक

आप अपने ब्रोकर के NFO मॉड्यूल या लिस्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए इसमें अप्लाई कर सकते हैं। लिस्टिंग के बाद iNAV और बिड-आस्क स्प्रेड पर नजर रखना जरूरी है। फंड हाउस के साथ सीधे रिडेम्पशन (यूनिट भुनाने) की सुविधा सिर्फ बड़े निवेशकों और क्रिएशन यूनिट साइज के लिए ही उपलब्ध है। बाजार में एनएवी (NAV) और ट्रेडिंग प्राइस के अंतर को संभालने के लिए इसमें सुरक्षा नियम भी मौजूद हैं। नए ETF नियमों का असर प्राइसिंग पर भी पड़ता है, इसलिए ट्रेडिंग से पहले प्रीमियम या डिस्काउंट की जांच जरूर करें।

किसे निवेश करना चाहिए, SIP या लम्पसम, और मुख्य जोखिम

यह ETF उन लंबे समय के निवेशकों के लिए मुफीद है जो निफ्टी 50 से आगे निकलकर मिड-कैप जैसे उतार-चढ़ाव को झेलने की क्षमता रखते हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए SIP का रास्ता चुनना बेहतर है; एकमुश्त (Lumpsum) निवेश तभी करें जब आपके पास बाजार की गिरावट से निपटने की रणनीति हो। ऐतिहासिक रूप से मिड-कैप सेगमेंट में समय-समय पर 20% से ज्यादा की गिरावट आती रही है, जिसे जोखिम का पैमाना माना जा सकता है। लिस्टिंग के बाद ट्रैकिंग एरर, स्प्रेड और AMC के दैनिक TER डिस्क्लोजर पर नजर बनाए रखें। इस फंड का रिटर्न पूरी तरह से बाजार की चाल पर निर्भर रहेगा।

Story first published: Monday, September 21, 2026, 11:07 [IST]

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