उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के रोजगार को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उन्होंने कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं वे गिनते जाएं, सरकार अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- Published: 19 Sep 2026, 05:13 PM IST
- Last Updated: 19 Sep 2026, 05:13 PM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में मिशन रोजगार के तहत आयोजित कार्यक्रम में 818 नवनिर्वाचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। ये नियुक्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभागों में हुई हैं।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दे चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी बिना रुके जारी रहेगी।
अगले 6 महीने में किस विभाग में कितनी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने आगामी सरकारी भर्तियों का पूरा ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में 36 हजार युवाओं को जल्द नियुक्ति पत्र मिलेंगे, जिनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और शारीरिक व मेडिकल परीक्षण चल रहा है।
इसके अलावा होमगार्ड विभाग में 41 से 42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिक्षा सेवा चयन आयोग से 20 से 25 हजार, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से 25 से 30 हजार और लोक सेवा आयोग के माध्यम से 15 से 16 हजार नए पदों पर भर्ती परिणाम अगले तीन से चार महीनों में सामने आएंगे।
2017 से पहले की सरकारों और भ्रष्टाचार पर साधा निशाना
पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले आयोगों और भर्ती बोर्डों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। योग्य युवाओं को मौका नहीं मिलता था और आवेदन न करने वालों तक को नौकरियां बांट दी जाती थीं।
उस समय की सरकारों की 'बीमारू मानसिकता' के कारण उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि जब भर्ती बोर्ड राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी होती हैं, तो युवाओं को उनकी प्रतिभा का सही सम्मान मिलता है।
तीन गुना बढ़ी यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय
प्रदेश के आर्थिक विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश 2017 से पहले सबसे गरीब राज्यों में गिना जाता था, वह आज देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पिछले नौ वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय, कुल अर्थव्यवस्था और बजट का आकार तीन गुना से अधिक बढ़ा है। महिला कार्यबल में भी तीन गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज यूपी एक 'रेवेन्यू सरप्लस' राज्य बनकर भारत के विकास का मुख्य इंजन बन चुका है।
आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव
समारोह में मंत्रियों ने भी अपने विचार रखे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों को खत्म किया गया है।
वहीं, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि राज्य में पारदर्शिता से काम हो रहा है और सरदार पटेल के नाम पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र व विभाग शुरू किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से पारंपरिक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को एक नया मुकाम और पहचान मिली है।