Fri, 24 Jul 2026 09:54 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 24 Jul 2026 09:54 AM IST
सार
Yoga Poses Empty Stomach : सुबह खाली पेट कौन-से योगासन करने चाहिए?
सुबह खाली पेट ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, वज्रासन (श्वास अभ्यास के साथ) और बालासन जैसे योगासन किए जा सकते हैं। ये शरीर को सक्रिय करने, लचीलापन बढ़ाने और दिन की शुरुआत ऊर्जावान महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। यदि आपको कोई बीमारी, चोट या विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक की सलाह लें।
Subah Khali Pet Yoga Benefits: अगर आपकी सुबह सुस्ती, थकान या कम ऊर्जा के साथ शुरू होती है, तो अपनी दिनचर्या में कुछ मिनट का योग शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। सुबह खाली पेट योगासन करने से शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय होने, मांसपेशियों को स्ट्रेच करने और मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। कई लोग सुबह योग करने के बाद दिनभर अधिक फुर्तीला और एकाग्र महसूस करते हैं।
हालांकि, योग कोई जादुई उपाय नहीं है और इसके लाभ नियमित अभ्यास, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। योग करते समय जल्दबाजी करने के बजाय सही तकनीक और अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास करना जरूरी है।
यदि आप शुरुआत कर रहे हैं, तो आसान आसनों से शुरुआत करें और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ का मार्गदर्शन लें। आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान योगासन, जिन्हें सुबह खाली पेट करने से आप दिन की शुरुआत बेहतर तरीके से कर सकते हैं और पूरे दिन खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करने में मदद पा सकते हैं।
ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन
ताड़ासन देखने में आसान है, लेकिन यह शरीर के संतुलन और पॉश्चर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं, एड़ियों को हल्का ऊपर लाएं और गहरी सांस लें। कुछ सेकंड रुकने के बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने और सुबह की जकड़न कम करने में सहायक हो सकता है।
सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार कई योग मुद्राओं का संयोजन है। इसे 5-10 राउंड अपनी क्षमता के अनुसार किया जा सकता है। इससे शरीर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिल सकती है और दिन की शुरुआत अधिक ऊर्जा के साथ महसूस हो सकती है। शुरुआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें।
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भुजंगासन - फोटो : Amar ujala
भुजंगासन
भुजंगासन में पेट के बल लेटकर ऊपरी शरीर को हाथों की मदद से ऊपर उठाया जाता है। यह रीढ़ की लचक बढ़ाने, छाती को खोलने और लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों में अकड़न कम करने में मदद कर सकता है। यदि पीठ में गंभीर दर्द है, तो विशेषज्ञ की सलाह के बिना यह आसन न करें।
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Vajrasana - फोटो : pexel
वज्रासन और गहरी श्वास
वज्रासन में बैठकर कुछ मिनट गहरी और नियंत्रित सांस लेने का अभ्यास करें। यह शरीर को शांत करने, ध्यान केंद्रित करने और मानसिक तनाव कम करने में सहायक हो सकता है। यदि घुटनों में दर्द है, तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से सलाह लें।