September 12, 2026

Xi Jinping Delhi Security: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा में लगा मल्टीलेयर्ड सुरक्षा घेरा; सीबीआरएन जांच और ड्रोन-रोधी तकनीक तैनात - Haribhoomi

18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने नई दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु खतरों की गहन जांच से लेकर अत्याधुनिक ड्रोन-रोधी प्रणालियों और विशेष कमांडो के जरिए सुरक्षा का अभेद्य ढांचा बनाया गया है।

xi jinping delhi visit

2019 के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

  • Published: 12 Sep 2026, 12:06 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 12:07 PM IST

राजधानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। 2019 के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

हवाई अड्डे के पास स्थित उनके होटल से लेकर सम्मेलन स्थल 'भारत मंडपम' तक की पूरी राह को एक मजबूत सुरक्षा कवच से ढक दिया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस, विशेष सुरक्षा समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

रासायनिक और परमाणु खतरों से बचाव के लिए विशेष जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा के तहत रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु खतरों से निपटने वाली विशेष जांच टीमों का व्यापक इस्तेमाल किया है। चीनी राष्ट्रपति के ठहरने के स्थान, उनके वाहनों के काफिले के रास्ते और बैठक स्थलों की विशेष सुरक्षा दस्तों द्वारा उन्नत उपकरणों से जांच की गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे को पहले ही बेअसर किया जा सके।

  • विशेषज्ञ दस्तों की तैनाती: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना की विशेष आपदा प्रबंधन इकाइयां पूर्ण सतर्कता पर रखी गई हैं।
  • हवा और पानी का परीक्षण: अति विशिष्ट स्थलों के आसपास हवा की स्वच्छता और पानी के स्रोतों की निरंतर निगरानी की जा रही है।

ड्रोन-रोधी प्रणाली और निशानेबाजों का कड़ा पहरा
आधुनिक समय के हवाई खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने वीवीआईपी मार्गों और भारत मंडपम के आसपास अत्याधुनिक ड्रोन-रोधी उपकरण और हवा में मार गिराने वाली प्रणालियां स्थापित की हैं।

  • उड़ान-निषिद्ध क्षेत्र: नई दिल्ली और सम्मेलन स्थल के आसपास के पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से उड़ान-निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है, जहाँ किसी भी अनधिकृत उड़ने वाली वस्तु को देखते ही नष्ट करने की तकनीक लगाई गई है।
  • ऊंची इमारतों पर निशानेबाज: ऊंची इमारतों की छतों पर विशेष बल और पुलिस के अचूक निशानेबाज तैनात किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे पूरे इलाके पर पैनी नजर रख रहे हैं।

बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा और स्वचालित निगरानी
चीनी राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर निर्बाध आवागमन और बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा सक्रिय किया गया है।

  • तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा: बाहरी सुरक्षा घेरे में हजारों पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात हैं, जबकि मध्य और आंतरिक घेरे की जिम्मेदारी विशेष कमांडो और चीनी राष्ट्रपति के निजी सुरक्षा दस्ते के पास है।
  • चेहरा पहचान तकनीक और दूरबीनी कैमरे: स्वचालित चेहरा पहचान तकनीक वाले आधुनिक कैमरों के माध्यम से काफिले के पूरे रास्ते की संदिग्ध गतिविधियों पर केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से सीधी नजर रखी जा रही है।