August 2, 2026

उम्र पूछ रहा WhatsApp! क्या अब बच्चे नहीं चला पाएंगे ऐप, जानिए क्या है मामला

WhatsApp का एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इस स्क्रीनशॉट में वॉट्सऐप के अंदर एक प्रॉम्प्ट दिख रहा है जिसमें यूजर्स से अपनी जन्मतिथि जोड़ने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि WhatsApp नए नियम लागू करने की तैयारी में है।

लगता है कि WhatsApp अपने सुरक्षा नियमों को और ज्यादा तगड़ा कर रहा है। खबरों के मुताबिक, WhatsApp ने भारत में कुछ यूजर्स से उनकी जन्मतिथि (date of birth) बताने के लिए कहना शुरू कर दिया है। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म देश में भविष्य में उम्र की पुष्टि (age-verification) से जुड़ी जरूरतों के लिए तैयारी कर रहा है। हालांकि, कंपनी ने फिलहाल इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है। यह जानकारी एक पॉपुलर टिप्स्टर अभिषेक यादव ने दी है, जिन्होंने X पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस स्क्रीनशॉट में वॉट्सऐप के अंदर एक प्रॉम्प्ट दिख रहा है जिसमें यूजर्स से अपनी जन्मतिथि जोड़ने के लिए कहा जा रहा है। स्क्रीनशॉट के अनुसार, ऐप का कहना है कि ऐसा "भारत सरकार के आने वाले नियमों" के कारण किया जा रहा है। इस पोस्ट के बाद ऑनलाइन चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भारत मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम उम्र के यूजर्स के लिए सख़्त नियम लागू करने की योजना बना रहा है। खैर, सही क्या है यह तो आने वाला समय ही बताए, चलिए डिटेल में जानते हैं क्या है पूरा मामला…

WhatsApp age-verification

हालांकि, इसमें एक जरूरी बात है। न तो वॉट्सऐप और न ही भारत सरकार ने उम्र की पुष्टि (age-verification) के लिए कोई नया नियम आधिकारिक तौर पर लागू करने की घोषणा की है। इसलिए, जब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इन दावों पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए।

वॉट्सऐप यूजर्स से उनकी उम्र क्यों पूछ रहा है?

हालांकि भारत में हाल ही में आए इस प्रॉम्प्ट (नोटिफिकेशन) के पीछे की वजह साफ नहीं है, लेकिन वॉट्सऐप का यूजर्स से उनकी उम्र पूछना कोई नई बात नहीं है। कंपनी अपने ऑफिशियल सपोर्ट पेज पर बताती है कि जब यूजर्स रजिस्टर करते हैं या कुछ खास फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं, तो उनसे उनकी उम्र बताने या कन्फर्म करने के लिए कहा जा सकता है। कुछ मामलों में, यूजर की उम्र वेरिफाई करने के लिए अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है।

वॉट्सऐप के अनुसार, उम्र की जानकारी इकट्ठा करने से उसे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कानूनी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। कंपनी का कहना है कि इस जानकारी से वह उम्र के हिसाब से सही अनुभव भी दे पाती है, जिसमें वॉट्सऐप पर कुछ Meta AI फीचर और जहां लागू हो, वहां स्टेटस और चैनल में दिखाए जाने वाले विज्ञापन शामिल हैं।

कंपनी का कहना है कि उम्र की जानकारी का इस्तेमाल उसकी 'सेवा की शर्तों' (Terms of Service) को लागू करने, सर्विसेस को बेहतर बनाने, कस्टमर सपोर्ट देने, कानूनी अनुरोधों का जवाब देने, सुरक्षा और बचाव को बढ़ावा देने और यूजर्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए किया जा सकता है।

वॉट्सऐप इस बात पर भी जोर देता है कि यूजर्स द्वारा प्रदान की गई उम्र प्लेटफॉर्म पर अन्य लोगों को दिखाई नहीं देती है। एक बार जब कोई उपयोगकर्ता 18 वर्ष का हो जाता है, या अपने देश में वयस्कता की आयु तक पहुंच जाता है, तो उनके अकाउंट को सभी उपलब्ध फीचर्स तक पहुंच के साथ किसी भी अन्य वयस्क अकाउंट की तरह माना जाता है।

क्या भारत उम्र की पुष्टि करने वाले नियम लागू कर सकता है?

हाल की रिपोर्टों से स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठा है कि क्या भारत भी उन देशों की राह पर चल सकता है जिन्होंने कम उम्र के इंटरनेट यूजर्स के लिए सख्त नियम लागू किए हैं।

उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया ने एक कानून पास किया है जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म - जैसे Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X, Reddit और YouTube का इस्तेमाल करना बैन कर दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद बच्चों को नुकसानदायक कंटेंट, साइबरबुलिंग और ऑनलाइन ग्रूमिंग से बचाना है। दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर लगे बैन से WhatsApp को छूट दी गई है और यह अपनी स्टैंडर्ड ग्लोबल एज गाइडलाइंस के तहत काम करना जारी रखेगा।

UK ने कुछ ऑनलाइन सर्विसेस के लिए उम्र की पुष्टि के कड़े नियम भी लागू किए हैं, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को और मजबूत बनाने की वैश्विक कोशिशों को बढ़ावा मिला है।

अगर भारत भविष्य में ऐसे नियम लागू करता है, तो Telegram, Signal, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म को भी यूजर्स की उम्र वेरिफाई करने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अभी तक WhatsApp या भारत सरकार की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ऐसे नियम बनाने की योजना है। जब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक उम्र से जुड़े इस प्रॉम्प्ट को आने वाले पॉलिसी बदलाव के सबूत के बजाय एक अनकंफर्म्ड डेवलपमेंट ही माना जाना चाहिए।