बिहार के 7 जिलों में आज तेज हवा और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के 14 जिलों में बाढ़ से करीब 44 लाख लोग प्रभावित हैं।
Bihar weather Today, 11 September
- Published: 11 Sep 2026, 10:25 AM IST
- Last Updated: 11 Sep 2026, 10:25 AM IST
Bihar weather Today, 11 September: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके साथ ही खराब मौसम के दौरान बादलों के गरजने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने को लेकर भी चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मुख्य तौर पर सीमांचल के जिलों में आज मौसम का तेवर तीखा रह सकता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है।
इन जिलों के लिए अलर्ट
आज जिन 7 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है, उनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी कुछ चुनिंदा इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
आगामी 12 सितंबर को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार के अलावा खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। वहीं, 13 सितंबर को बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जिलों में बारिश का अनुमान जताया गया है।
राजधानी पटना में कैसा रहा मौसम का मिजाज?
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के छिटपुट हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी पटना की बात करें तो, गुरुवार को धूप खिलने के कारण लोगों को भारी उमस और चिलचिलाती गर्मी से दो-चार होना पड़ा, हालांकि देर रात तक तापमान में गिरावट से मौसम सुहाना हो गया।
शुक्रवार की सुबह शहर के कई इलाकों में आसमान पर हल्के बादल छाए रहे और ठंडी बयार ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रह सकता है।
क्यों बन रहे हैं बारिश के अनुकूल हालात?
राज्य में रुक-रुक कर हो रही मानसूनी गतिविधियों के पीछे मौसमी सिस्टम की सक्रियता मुख्य वजह है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का चक्रवात बना हुआ है। इसके अलावा, एक चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है।
साथ ही, उत्तरी हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, झारखंड और बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके प्रभाव से बिहार के वायुमंडल में नमी बनी हुई है और बारिश की अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं।
14 जिलों में बाढ़ का प्रकोप, 44 लाख आबादी प्रभावित
एक तरफ जहां कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई हिस्से भीषण बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। बिहार के 14 जिलों में बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लगभग 44 लाख लोग इसकी चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं।
हालांकि प्रशासन की तरफ से युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। इस वर्ष कुल मानसूनी बारिश भले ही कम दर्ज की गई हो, लेकिन प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। गंगा, गंडक और पुनपुन समेत कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।