Updated: Mon, 14 Sep 2026 09:13 PM (IST)
सहरसा सदर अस्पताल में मिड-डे-मील की खबर कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला गरमा गया है. घटना के बाद जिलाधिकारी ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है.
Saharsa Journalist Assault Case : सहरसा सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई मारपीट और बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के बाद प्रभात खबर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस.के. आजाद से जवाब मांगने पहुंची, तो डॉक्टर की तीखी बहस हुई.
सवाल पूछने पर चुप हो गये डॉ. एसके आजाद
जब डॉक्टर आजाद से पूछा गया कि 20-25 लोगों और पैरामेडिकल छात्रों की भीड़ ने पत्रकार को ओटी रूम में बंद कर क्यों पीटा, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि "सब कुछ फ्लो-फ्लो में हो गया. हालांकि, जब उनसे गलती मानने और माफी मांगने को लेकर सवाल किया गया, तो उनकी बोलती बंद हो गई और उन्होंने चेंबर का दरवाजा बंद कर मीडिया को बाहर निकालने का प्रयास किया.
डीएम ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की
इधर, इस पूरे मामले पर सहरसा के जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है. वहीं, बिहार के स्वास्थ्य विभाग और जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. घटना के बाद अस्पताल परिसर से सीसीटीवी कैमरों के गायब होने और परिसर में पसरी भारी गंदगी को लेकर भी स्वास्थ्य प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जानिए... क्या है पूरा मामला
सहरसा जिले के एक सरकारी स्कूल में 12 सितंबर को मिड-डे-मील खाने से कई बच्चे बीमर पड़ गये. स्कूल प्रबंधन द्वारा बीमार बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.घटना की जानकारी पर प्रभात खबर के पत्रकार खबर संकलन के लिए अस्पताल पहुंचे. इस दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की गयी. आरोप है कि पत्रकार को ऑपरेशन थियेटर स्थित एक कमरे में बंद कर मारपीट की गयी, जिससे वह घायल हुए और उन्हें उपचार कराना पड़ा.
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प्रभात खबर के पत्रकार से मारपीट का सवाल पूछते ही बोले डॉ. SK आजाद- फ्लो फ्लो में हो गया
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