July 13, 2026

Viral: बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए 35 साल तक चलाया ऑटो, इस पिता की संघर्ष भरी कहानी जीत रही है सबका दिल

Viral: बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए 35 साल तक चलाया ऑटो, इस पिता की संघर्ष भरी कहानी जीत रही है सबका दिल

बेंगलुरु के इस ऑटो वाले पिता को सलामImage Credit source: Instagram/@arthasfirstbites

कहते हैं कि एक पिता अपनी बेटी की खुशी के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के रहने वाले एक ऐसे ही पिता की कहानी जमकर वायरल हो रही है, जिसने समाज के तानों की परवाह किए बिना अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाया कि वे आज अपने पैरों पर खड़ी हैं. इस पिता ने पिछले 35 सालों से ऑटो चलाकर एक-एक रुपया जोड़ा, ताकि अपनी बेटियों का भविष्य संवार सकें.

बेटियों को शादी का नहीं, पढ़ाई का दिया तोहफा

आमतौर पर हमारे समाज में बेटी के पैदा होते ही लोग उसकी शादी के लिए पैसे जोड़ना शुरू कर देते हैं. लेकिन इन पिता की सोच एकदम अलग थी. उन्होंने तय किया कि वह अपनी बेटियों को बोझ नहीं बनने देंगे. उन्होंने बेटियों पर पाबंदियां लगाने के बजाय उन्हें उड़ने के लिए आसमान दिया, और इसी का नतीजा है कि आज उनकी बेटियां अपने करियर में बहुत कामयाब हैं. हाल ही में उनकी बेटी आर्था ने इंस्टाग्राम पर @arthasfirstbites नाम के अकाउंट से एक बेहद भावुक वीडियो शेयर किया है. बेटी ने बताया कि वह आज भी जब बेंगलुरु जाती है, तो उसके पापा खुद उसे अपने ऑटो में बैठाकर बस स्टॉप तक छोड़ने आते हैं.

जब बेटियों ने निभाया अपना फर्ज

यह कहानी सिर्फ पिता के त्याग की नहीं, बल्कि बेटियों के फर्ज की भी है. कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगा और ऑटो चलना बंद हो गया, तो घर चलाना मुश्किल हो गया. ऐसे मुश्किल वक्त में बेटियों ने अपने पापा का हाथ थामा और उन्हें एक छोटा सा खेत तोहफे में दिया. पिता आज भी उस खेत की देखभाल करते हैं और वहां फल उगाते हैं.

‘तुम नौकरी मत छोड़ो, हम संभाल लेंगे’

बेटी ने वीडियो में एक बहुत ही भावुक किस्सा शेयर किया. उसने बताया कि जब वह मां बनी, तो बच्चे की देखभाल के लिए उसने अपनी नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था. एक कामकाजी महिला के लिए यह फैसला बहुत मुश्किल होता है. ऐसे में उसके पिता उसके लिए ढाल बनकर खड़े हो गए. उन्होंने अपनी बेटी से कहा, तुम अपनी नौकरी पर ध्यान दो, बच्चे को मैं और तुम्हारी मां मिलकर संभाल लेंगे. पिता के इसी भरोसे ने बेटी को हौसला दिया. यह भी पढ़ें: Viral: 80 की उम्र और रोज 16 घंटे की ड्यूटी! कोलकाता के इस बुजुर्ग टैक्सी ड्राइवर की कहानी आपकी आंखों में आंसू ला देगी

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताया प्यार

इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, यह वाकई दिल को छू लेने वाली कहानी है. दूसरे ने कहा आपको ऐसे माता-पिता पर गर्व होना चाहिए, जिन्होंने समाज की परवाह न करके आपको आगे बढ़ाया. आपको इस पिता का संघर्ष कैसा लगा, टीवी9 भारतवर्ष के फेसबुक पेज पर कमेंट करके जरूर बताएं. यह भी पढ़ें: 90 साल की परदादी और छोटे से परपोते का वीडियो वायरल, दोनों की क्यूटनेस ने जीता सबका दिल!

बेंगलुरु के ऑटो ड्राइवर की कहानी वायरल, यहां देखिए वीडियो

Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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