जहानाबाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सड़क हादसे में पैर में गंभीर फ्रैक्चर के बाद पहुंचे 16 वर्षीय किशोर के पैर पर प्लास्टर करने के बजाय दवा के खाली कार्टन का गत्ता बांधकर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर क
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दो बाइक की टक्कर में चार किशोर घायल
मामला गुरुवार को हुलासगंज थाना क्षेत्र के धरमपुर मोड़ के पास दो बाइक की टक्कर से जुड़ा है। हादसे में चार किशोर घायल हुए थे। इनमें धरमपुर निवासी 16 वर्षीय राजा कुमार को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए पहले हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।
फ्रैक्चर पैर पर गत्ते का सहारा
आरोप है कि राजा के पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने के बावजूद सीएचसी में प्लास्टर नहीं किया गया। इसके बजाय दवा के खाली कार्टन का गत्ता काटकर उसके पैर में बांध दिया गया और उसे जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सदर अस्पताल पहुंचने पर भी नहीं मिला समुचित इलाज
घायल किशोर को सदर अस्पताल की इमरजेंसी में लाए जाने के बाद भी उसके पैर का समुचित इलाज नहीं किए जाने का आरोप है। बाद में उसे PMCH रेफर कर दिया गया। इसी दौरान बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

डीएम ने लिया संज्ञान, जांच में खुली लापरवाही
मामला सामने आने के बाद जहानाबाद के डीएम छिरिड वाई भुटिया ने संज्ञान लिया। जांच में सामने आया कि पैर में गत्ता बांधने की घटना हुलासगंज सीएचसी में हुई थी। वहीं से किशोर को सदर अस्पताल भेजा गया था।
दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों से जवाब-तलब
डीएम ने हुलासगंज सीएचसी और सदर अस्पताल के संबंधित डॉक्टरों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम के अनुसार, सदर अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने भी घायल का ठीक से इलाज नहीं किया, जिससे लापरवाही सामने आती है।
ड्यूटी से गायब मिला एक डॉक्टर
जांच के दौरान सदर अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी को लेकर भी लापरवाही सामने आई। ड्यूटी पर दो डॉक्टरों की तैनाती थी, लेकिन इनमें से एक डॉक्टर मौजूद नहीं था। डीएम ने अनुपस्थित डॉक्टर से भी जवाब मांगा है कि वह ड्यूटी से किस वजह से गायब था।
स्पष्टीकरण के बाद होगी कार्रवाई
डीएम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित सभी डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मिलने के बाद मामले की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।