July 19, 2026

भारी बारिश में सड़क बना रहा लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट: VIDEO वायरल हुआ तो हड़कंप, मौके पर कोई जिम्मेदार नहीं, सवाल- किसकी मंजूरी से काम - Ludhiana News

लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (LIT) एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में आ गया है। ट्रस्ट द्वारा भारी बारिश के दौरान सड़क निर्माण कार्य जारी रखने का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियों के वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा

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सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद शर्मा ने इस पूरे मामले को उजागर करते हुए बताया कि पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) ने भारी बारिश की संभावना का पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद, LIT ने 475 एकड़ में फैली 'शहीद भगत सिंह नगर योजना' के जी-ब्लॉक में सड़क निर्माण के लिए मशीनें उतार दीं।

हैरानी की बात यह रही कि जब तेज बारिश शुरू हुई, तब भी काम को नहीं रोका गया। मौके पर ट्रस्ट का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से ठेकेदार बिना किसी रोक-टोक के काम जारी रखता रहा।

सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ने स्वीकारी बात, चेयरमैन ने दिया भरोसा

अरविंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी तत्काल LIT के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) बूटा राम को दी। अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि बारिश के दौरान सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसके बाद शर्मा ने ट्रस्ट के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। आखिरकार, उन्होंने LIT के चेयरमैन से बात की, जिन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को इस पर आवश्यक निर्देश जारी करने का भरोसा दिया है।

सड़क बनाने के लिए पहुंची मशीनें।

सड़क बनाने के लिए पहुंची मशीनें।

जनता के पैसे की बर्बादी: ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि बारिश के दौरान बनाई गई सड़क की गुणवत्ता और उसकी टिकाऊ क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद बारिश में सड़क निर्माण कराया जाना स्थापित इंजीनियरिंग मानकों के पूरी तरह विपरीत है। यदि निर्माण गुणवत्ता से समझौता किया गया है, तो इसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने और आम जनता की जेब को उठाना पड़ेगा। यह सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग है।"

शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) किया जाए। यदि सड़क घटिया गुणवत्ता की पाई जाती है, तो उसे वहां से हटाकर मानकों के अनुसार दोबारा बनवाया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो।

डिप्टी कमिश्नर से दखल की मांग, मानवाधिकार आयोग जाने की चेतावनी

अरविंद शर्मा ने इस मामले में सार्वजनिक हित को देखते हुए जिला प्रशासन और लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (DC) से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वह चुप नहीं बैठेंगे और इस भ्रष्टाचार व लापरवाही के मामले को पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग सहित अन्य सक्षम प्राधिकरणों (कंपीटेंट अथॉरिटीज) के समक्ष उठाएंगे।