शाहरुख खान की फिल्म 'रईस' का मशहूर डायलॉग है- कोई भी धंधा छोटा या बड़ा नहीं होता और धंधे से बड़ा कोई धर्म नहीं होता.” त्योहारों के मौसम में यह बात काफी हद तक देखने को मिलती है. नवरात्र चल रही है, देशभर में रौनक है. जगह-जगह मेले, रोशनी, पूजा पंडाल, झूले और गरबा इवेंट लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं.
लेकिन इस भीड़ में कुछ लोग सिर्फ त्योहार का आनंद नहीं ले रहे, बल्कि कमाई का मौका भी तलाश रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल एक गरबा इवेंट का वीडियो इसी वजह से चर्चा में है. इसमें एक 17 साल का लड़का पानी और कोल्ड ड्रिंक का छोटा सा स्टॉल लगाए नजर आता है. वीडियो में वह कहता है-17 साल में मैं बिजनेसमैन बन गया.
वीडियो @dhandhadecodes नाम के Instagram चैनल पर शेयर किया गया है. यह चैनल भारत में छोटे-बड़े कारोबार और उनसे जुड़ी कमाई के बारे में कंटेंट शेयर करता है.
सम्बंधित ख़बरें
गरबा में लगाया पानी का स्टॉल
वीडियो में लड़का बताता है कि उसने गरबा ग्राउंड में एक छोटा स्टॉल लिया. इसके लिए उसे रोजाना करीब 20 हजार रुपये किराया देना पड़ता था. इतनी कम उम्र में इतना बड़ा खर्च जोखिम भरा था, लेकिन उसने इसे बिजनेस के मौके के तौर पर आजमाने का फैसला किया.
यह भी पढ़ें: 100 रुपये की टिकट, रोज लाखों की कमाई! मेले के झूले का बिजनेस देख लोगों को नहीं हुआ यकीन
उसने 20 रुपये की कीमत पर पानी की बोतल बेचना शुरू किया. वीडियो में दावा किया गया है कि रोजाना करीब 2 हजार लोग उसके स्टॉल तक पहुंच रहे थे. लड़के के मुताबिक, एक दिन में करीब 100 पेटी पानी बिक गया.
एक पेटी में 24 बोतलें मानें तो 100 पेटी में 2,400 बोतलें हुईं. अगर हर बोतल 20 रुपये में बिकती है, तो कुल बिक्री 48 हजार रुपये बैठती है. हालांकि, यह ग्रॉस सेल है, इसे सीधे मुनाफा नहीं कहा जा सकता.
कमाई के दावे पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों ने कमाई के इस गणित पर सवाल उठाए. एक यूजर ने अपना हिसाब साझा करते हुए लिखा कि अगर करीब 2,000 बोतलों की बिक्री से 40 हजार रुपये का सेल हुआ, पानी की लागत करीब 14 हजार और स्टॉल का किराया 20 हजार रुपये रहा, तो कुल खर्च करीब 34 हजार रुपये बैठता है. इस हिसाब से करीब 6 हजार रुपये ही बचेंगे.
हालांकि, यह यूजर का अपना अनुमान है. वीडियो में पानी की खरीद कीमत, कोल्ड ड्रिंक की बिक्री, स्टाफ, ट्रांसपोर्ट और दूसरे खर्चों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है. इसलिए इस कमेंट को वास्तविक मुनाफे का आंकड़ा नहीं माना जा सकता.
एक अन्य यूजर ने पानी की बोतल की खरीद कीमत को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े बताए. यानी सिर्फ टिकट या बिक्री का हिसाब लगाकर किसी छोटे कारोबारी का मुनाफा तय करना सही नहीं होगा.
भीड़ में तलाशा बिजनेस का मौका
दरअसल, मेले और त्योहार सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं होते. इनके आसपास फूल-माला, खिलौने, खाने-पीने की चीजों, झूलों और छोटे स्टॉल का कारोबार भी चलता है. जहां हजारों लोग जुटते हैं, वहां उनकी जरूरतों के हिसाब से छोटे कारोबार के मौके भी पैदा होते हैं.
गरबा की भीड़ में पानी का स्टॉल लगाने वाले इस 17 साल के लड़के की कहानी भी इसी सोच को दिखाती है. स्टॉल छोटा है, लेकिन आइडिया सीधा है- जहां भीड़ होगी, वहां जरूरत होगी और जहां जरूरत होगी, वहां बिजनेस का मौका भी हो सकता है.
---- समाप्त ----