
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती.
Varanasi News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चुनाव में वोट चोरी के अपने अनुभव से लेकर Gen Z और अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा मामले तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि जब वह 18 साल के हुए और पहली बार मतदान करने पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम का वोट पहले ही डाला जा चुका है. शंकराचार्य ने कहा कि वोट चोरी का डर आज का नहीं है, बल्कि वह खुद इसका अनुभव पहले कर चुके हैं.
‘आपका वोट पड़ चुका है’
शंकराचार्य ने अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पढ़ाई के लिए जब वह काशी आए थे, तब उनके पिता ने हनुमान घाट पर मकान खरीदा था. 18 साल की उम्र में उनका वोटर आईडी कार्ड बना और इसके बाद जब पहला चुनाव आया तो वह पहली बार वोट देने को लेकर काफी उत्साहित थे. उन्होंने बताया कि उस समय कर्नाटक स्टेट घाट पर मतदान केंद्र बनाया गया था और मतपत्र के जरिए वोटिंग होती थी. वह सुबह ही मतदान केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन वहां लंबी लाइन लगी थी. उन्होंने सोचा कि दोपहर में वोट डालेंगे. दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे तो वहां फिर भी भीड़ थी, इसलिए वापस लौट गए.
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शंकराचार्य के मुताबिक, मतदान खत्म होने से पहले जब वह दोबारा पहुंचे तो चुनाव कर्मचारियों ने उनसे कहा कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है. उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि उन्होंने अभी तक वोट दिया ही नहीं है, लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि रिकॉर्ड में उनका वोट डाला जा चुका है. शंकराचार्य के अनुसार, वह उस समय अपना वोट नहीं डाल सके.
2017 में दोबारा किया मतदान
शंकराचार्य ने बताया कि इसके बाद उन्होंने 2017 में दोबारा मतदान किया. उस समय उन्होंने कैंट और शहर दक्षिणी विधानसभा सीट से दो प्रत्याशियों का समर्थन किया था. पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार वह मतदान शुरू होते ही केंद्र पर पहुंच गए और अपना वोट डाला. उन्होंने कहा कि काशी में उन्हें दो बार वोट देने का मौका मिला. अब वह काशी के मतदाता नहीं हैं और ज्योतिर्मठ के मतदाता हैं, इसलिए वहीं से मतदान करते हैं.
‘बच्चे मासूम हैं, खुलकर अपनी बात कह रहे’
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आए Gen Z को लेकर भी शंकराचार्य ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि ये हमारे बच्चे हैं. उनके मुताबिक, इन युवाओं ने महसूस किया कि सच को पीछे दबाया जा रहा है, जबकि बड़े लोग सच बोलने से पहले कई बार सोचते हैं. शंकराचार्य ने कहा कि युवा अपनी बात खुलकर रखते हैं और उनके अंदर वह संकोच नहीं है, जो बड़े लोगों में दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि देश के विद्वानों और बुद्धिजीवियों को भी युवाओं के साथ खड़ा होना चाहिए. उनके मुताबिक, युवा अपने मन की सच्ची बात कह रहे हैं.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर क्या बोले शंकराचार्य?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी शंकराचार्य ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आए, उनमें से कुछ को आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में मुकदमा किन लोगों पर चलेगा. शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया गया है. मामले की जिम्मेदारी उन्हीं पर डाल दी गई है.
हालांकि, अयोध्या चढ़ावा मामले में पुलिस की जांच और चार्जशीट में आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. जांच में CCTV फुटेज समेत कई साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है. राम मंदिर चढ़ावा मामले में शंकराचार्य पहले भी जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठा चुके हैं और गिरफ्तार लोगों को बलि का बकरा बनाए जाने की बात कह चुके हैं.

अमित कुमार सिंह
पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई. रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.
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