
वास्तु शास्त्र Image Credit source: pexels
Vastu Tips For Heavy Items: वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं के साथ-साथ वहां रखी चीजों की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता के अनुसार, घर के दक्षिण, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण को भारी सामान रखने के लिए सही माना जाता है. माना जाता है कि इन दिशाओं में भारी वस्तुएं रखने से घर में स्थिरता और संतुलन बना रहता है. आइए इन दिशाओं के बारे में विस्तार से जान लेते हैं.
दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें भारी अलमारी
वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से इस दिशा में भारी अलमारी, बड़ी स्टोरेज यूनिट या अन्य भारी फर्नीचर रखने की सलाह दी जाती है. अगर आपके बेडरूम में बड़ी अलमारी है, तो कमरे की बनावट और दरवाजों की स्थिति के अनुसार उसे दक्षिण या पश्चिम की दीवार के पास रखा जा सकता है.
पश्चिम दिशा में रख सकते हैं भारी फर्नीचर
घर के पश्चिमी हिस्से में सोफा, बड़ी कैबिनेट, बुकशेल्फ या अन्य भारी फर्नीचर रखना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है. वास्तु की मान्यताओं में पश्चिम दिशा को भारी सामान रखने के लिए अनुकूल माना जाता है.
दक्षिण दिशा में रखें भारी सामान
वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को भी भारी वस्तुओं के लिए सही माना जाता है. इस दिशा में बड़ी अलमारी, स्टोरेज कैबिनेट या अन्य भारी सामान रखा जा सकता है.
उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखने से बचें?
वास्तु की मान्यताओं में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को हल्का, साफ और खुला रखने पर जोर दिया जाता है. इसी कारण इस दिशा में बहुत ज्यादा भारी फर्नीचर या सामान जमा करने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि उत्तर-पूर्व दिशा में कोई भी वस्तु नहीं रखी जा सकती. जरूरत के अनुसार हल्का फर्नीचर या उपयोगी सामान रखा जा सकता है.
बेडरूम में भारी बेड किस दिशा में रखें?
बेडरूम में बेड सबसे बड़ी और भारी वस्तुओं में से एक होता है. वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, बेड को कमरे के दक्षिण या पश्चिम हिस्से में रखना उपयुक्त माना जाता है. बेड का सिरहाना दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह भी दी जाती है.
छत पर भारी सामान और पानी की टंकी का नियम
सिर्फ कमरों की फर्श ही नहीं, छत पर सामान रखते वक्त भी यही नियम लागू होता है. छत पर पानी का भारी ओवरहेड टैंक कभी भी उत्तर-पूर्व में न लगाएं. इसे हमेशा दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में ही स्थापित करें. अगर घर में गैर-जरूरी भारी सामान या स्टोर रूम बनाना है, तो उसके लिए दक्षिण-पश्चिम का ऊपरी कोना ही चुनें. छत के ईशान कोण को पूरी तरह खुला और हल्का छोड़ दें.
ये भी पढ़ें: किचन में गलत दिशा में रखा फ्रिज बिगाड़ सकता है वास्तु? जानें सही दिशा
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
Read More