August 24, 2026

Uttarakhand News: महिलाओं के अधिकार से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ तक, धामी सरकार का बड़ा संकल्प

सीएम धामी ने महिला सशक्तिकरण की योजनाओं और 30% महिला आरक्षण का जिक्र किया। हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को संत समाज के समर्थन को नई ऊर्जा बताया।

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सशक्तिकरण और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराया है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को मजबूत बनाना उनकी सरकार के प्रमुख संकल्पों में शामिल है। महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकारों की सुरक्षा, समान अवसर, सरकारी नौकरियों में आरक्षण और स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह बात हरिद्वार में संत समाज के सम्मेलन के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संत समाज से मिले समर्थन और आशीर्वाद से इस संकल्प को नई ऊर्जा मिली है। CM धामी ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा निश्चित तौर पर ठोस रूप लेगी और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यक्षमता और मजबूत होगी।

महिला सशक्तिकरण पर धामी सरकार का फोकस

धामी सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल योजनाओं तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की कोशिश कर रही है। राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान लागू है। इसके लिए उत्तराखंड लोक सेवाओं में महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण संबंधी कानून बनाया गया है।

सरकार की ओर से स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत 13 हजार से अधिक उद्यमियों को लाभ मिलने और 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों व स्वयं सहायता समूहों को आजीविका और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने की जानकारी दी गई थी।

उत्तराखंड सरकार के अनुसार राज्य में 2.54 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी काम किया जा रहा है।

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UCC को भी महिला अधिकारों से जोड़ती है सरकार

महिला अधिकारों और समानता के संदर्भ में उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता यानी UCC भी धामी सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां UCC को लागू किया गया। यह कानून विवाह, तलाक, भरण-पोषण और विरासत जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान करता है।

सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ नागरिक मामलों में समानता सुनिश्चित करना है। वर्ष 2026 में UCC में प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े संशोधन भी लागू किए गए हैं। धामी ने हाल में भी UCC को महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जोड़ते हुए इसे राज्य सरकार के प्रमुख सुधारों में गिनाया है।

हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संत समाज का समर्थन

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर 23 अगस्त को हरिद्वार में संत समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, योग गुरु स्वामी रामदेव और संत समाज से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में देशभर से संतों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन का केंद्र ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा रही। कार्यक्रम में इस व्यवस्था के पक्ष में जनजागरण की जरूरत पर भी जोर दिया गया। समर्थकों का तर्क है कि बार-बार होने वाले चुनावों में प्रशासनिक मशीनरी और सरकारी संसाधनों की बड़ी भागीदारी होती है, जबकि आदर्श आचार संहिता के कारण कई बार विकास कार्यों की गति भी प्रभावित होती है।

CM धामी बोले- लोकतांत्रिक व्यवस्था की बढ़ेगी प्रभावशीलता

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ लागू होने से चुनावी प्रक्रिया पर बार-बार खर्च होने वाले संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। उनका मानना है कि इससे शासन व्यवस्था को लगातार चुनावी तैयारियों के बजाय विकास और जनकल्याण के कामों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मुद्दा केवल राजनीतिक समर्थन का विषय नहीं है। इसे लागू करने के लिए संवैधानिक और कानूनी बदलावों के साथ चुनावी चक्र को एक साथ लाने की जटिल प्रक्रिया भी जुड़ी है। ऐसे में इसका अंतिम स्वरूप व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक विमर्श के बाद ही तय होगा।

महिला सशक्तिकरण और चुनाव सुधार, दोनों पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री धामी के बयान में दो अलग लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दे एक साथ दिखाई देते हैं। पहला, महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, अधिकार और स्वरोजगार के जरिए मजबूत करने का प्रयास। दूसरा, चुनावी व्यवस्था में बदलाव के जरिए शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की बात। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हरिद्वार में संत समाज से मिले समर्थन ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के संकल्प को नई ऊर्जा दी है। अब यह देखना अहम होगा कि इस राजनीतिक और सामाजिक समर्थन के आगे यह प्रस्ताव किस तरह संवैधानिक प्रक्रिया में आगे बढ़ता है।

फिलहाल उत्तराखंड में धामी सरकार महिला आरक्षण, UCC, महिला उद्यमिता और स्वयं सहायता समूहों के जरिए मातृशक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने की दिशा में अपनी नीतियों को प्रमुखता से पेश कर रही है। दूसरी ओर, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर हरिद्वार का संत सम्मेलन इस मुद्दे के समर्थन में चल रहे जनजागरण अभियान को नया राजनीतिक-सामाजिक मंच देता दिखाई दिया।