August 20, 2026

US Sanctions: अमेरिका ने हिजबुल्ला के कैश नेटवर्क पर लगाया प्रतिबंध, 10 लोगों पर कार्रवाई; क्या लगाए आरोप?

अमेरिका ने लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके कथित कैश नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ने हिजबुल्ला को दोबारा ईरान के प्रॉक्सी संगठन के रूप में चिन्हित किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियां और उसकी फंडिंग व्यवस्था सीधे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) से जुड़ी हैं।



यह भी पढ़ें- Boat Capsizes in Nigeria: नाइजीरिया में नाव पलटी, 47 लोगों की मौत; हादसे के वक्त 80 से ज्यादा यात्री थे सवार

विज्ञापन



अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बताया कि प्रतिबंधित किए गए 10 लोग ऐसे नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो हिजबुल्ला तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने का काम करता था। इस नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर करोड़ों डॉलर की रकम अलग-अलग देशों के बीच पहुंचाई जाती थी।

विज्ञापन



हवाई यात्राओं के जरिए पहुंचाई जाती थी नकदी


अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल कैश कूरियर कमर्शियल एयरलाइनों से यात्रा करते थे। वे लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच आवाजाही करते हुए बड़ी रकम एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाते थे। अमेरिका का आरोप है कि इस तरीके से हिजबुल्ला को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा हासिल करने में मदद मिलती थी। इससे संगठन अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में भी सक्षम होता था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए सैकड़ों मिलियन डॉलर तक की रकम अलग-अलग देशों के बीच स्थानांतरित की गई।



ईरान के लिए काम करने का आरोप


अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, हिजबुल्ला को ईरान के आईआरजीसी-क्यूएफ के विस्तार के रूप में देखे जाने की स्थिति को दोबारा स्पष्ट किया गया है। अधिकारी ने कहा कि संगठन की सैन्य गतिविधियां, बाहरी सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियां और बड़े वित्तीय नेटवर्क आईआरजीसी-क्यूएफ के साथ मिलकर काम करते हैं। अमेरिका का कहना है कि हिजबुल्ला को केवल एक स्वतंत्र लेबनानी संगठन के रूप में नहीं देखा जा सकता। उसके अनुसार, संगठन ईरान की क्षेत्रीय और विदेशों में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



पहले से आतंकवादी संगठन घोषित


अमेरिका पहले से ही हिजबुल्ला और आईआरजीसी-क्यूएफ, दोनों को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठनों की सूची में रखता है। नई कार्रवाई के तहत हिजबुल्ला के वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की गई है। हिजबुल्ला लेबनान में एक राजनीतिक दल के साथ-साथ एक सशस्त्र संगठन भी है। उस पर लंबे समय से इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ सशस्त्र गतिविधियां चलाने के आरोप लगते रहे हैं।



यह भी पढ़ें- पाकिस्तान: पूर्व पीएम इमरान खान को अस्पताल ट्रांसफर की तैयारी लगभग पूरी; बहन अलीमा भी पहुंचीं अदियाला जेल



इस्राइल-लेबनान शांति प्रयासों के बीच कार्रवाई


अमेरिका की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ट्रंप प्रशासन इस्राइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। प्रतिबंधों के जरिए अमेरिका हिजबुल्ला की वित्तीय क्षमता को कमजोर करने और ईरान से उसके संबंधों को उजागर करने का प्रयास कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, नई कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्ला के लिए धन जुटाने और उसे अलग-अलग देशों के जरिए पहुंचाने वाले नेटवर्क पर रोक लगाना है।