October 2, 2026

US-Iran Tension: ईरान के करीब बढ़ा अमेरिका का सैन्य जमावड़ा, 9 हजार सैनिकों के साथ पहुंचेगा तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर

US-Iran Tension: ईरान के करीब बढ़ा अमेरिका का सैन्य जमावड़ा, 9 हजार सैनिकों के साथ पहुंचेगा तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर

US-Iran Tension: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी सेना करीब 9 हजार अतिरिक्त सैनिकों और कई युद्धपोतों को क्षेत्र की ओर भेज रही है। इस तैनाती में USS Theodore Roosevelt एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी शामिल है। इसके पहुंचने के बाद अक्टूबर के अंत तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मौजूद हो सकते हैं।

फिलहाल USS George Washington और USS George H.W. Bush क्षेत्र में मौजूद हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार नई तैनाती के तहत Theodore Roosevelt के साथ USS Makin Island Amphibious Ready Group भी भेजा जा रहा है। इन जहाजों पर हजारों नौसैनिक और मरीन तैनात हैं।
ट्रंप के बयान के बीच बढ़ी सैन्य तैनाती
अमेरिका का यह सैन्य जमावड़ा ऐसे समय बढ़ाया जा रहा है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
ट्रंप ने Time को दिए इंटरव्यू में कहा कि 3 नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर बमबारी बढ़ाना संभव है। हालांकि उन्होंने अपनी आगे की सैन्य रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया।
ईरान का सीजफायर प्रस्ताव अमेरिका ने किया खारिज
ट्रंप ने ईरान के हालिया सीजफायर प्रस्ताव को भी पर्याप्त नहीं मानते हुए खारिज कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और बातचीत आगे बढ़ाने की पेशकश की थी।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने पर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव अमेरिका की अपेक्षाओं के मुताबिक पर्याप्त नहीं था।
9 हजार सैनिकों की तैनाती में क्या शामिल है?
अमेरिकी तैनाती में करीब 7 हजार से अधिक नौसैनिक और करीब 2 हजार मरीन शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा Theodore Roosevelt Carrier Strike Group और Makin Island Amphibious Ready Group भी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, नई तैनाती से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 20 हजार से अधिक हो सकती है।
ईरान के साथ तनाव के बीच बढ़ रही सैन्य गतिविधियां
USS Theodore Roosevelt 27 सितंबर को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली USNI News के अनुसार यह कैरियर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के क्षेत्र में जाने की तैयारी में है।
इससे पहले USS George Washington और USS George H.W. Bush क्षेत्र में सक्रिय थे। नई तैनाती के बाद कुछ समय के लिए तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के एक साथ मौजूद रहने की संभावना है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का मौजूदा दौर
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ईरान ने इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना उसकी कार्रवाई के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
ईरान दूसरी ओर अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता रहा है और परमाणु तकनीक के इस्तेमाल को अपना अधिकार कहता है।
फिलहाल अमेरिका की नई सैन्य तैनाती के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ऐसे में आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ता है।
 

Share this story