August 23, 2026

US Canada trade War: अमेरिका-कनाडा ट्रेड डील फेल होने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- 'कनाडा बिना राज्य बने उसके फायदे उठाना चाहता है' - Haribhoomi

अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड डील टूटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। उन्होंने कहा कि कनाडा बिना राज्य बने अमेरिका जैसे फायदे उठाना चाहता है।

Donald Trump react on US Canada trade talks collapse

Donald Trump react on US Canada trade talks collapse

  • Published: 23 Aug 2026, 01:28 PM IST
  • Last Updated: 23 Aug 2026, 01:28 PM IST

US Canada trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता (ट्रेड डील) इस हफ्ते अचानक विफल हो गया। इस डील के टूटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देश कनाडा पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि ओटावा (कनाडा) अमेरिका का हिस्सा बने बिना एक राज्य होने के सभी लाभ उठाना चाहता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा पिछले कई वर्षों से अमेरिकी नागरिकों और किसानों पर भारी-भरकम टैरिफ लगा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ट्रंप का तीखा हमला और 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट
80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "कनाडा बिना एक राज्य बने उसके सारे फायदे उठाना चाहता है।" उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने हमारे महान किसानों पर कई सालों तक भारी-भरकम टैरिफ थोपे हैं। अब और नहीं।"

बता दें कि इस ट्रेड डील के फेल होने के बाद वाशिंगटन ने लगभग 20 अरब डॉलर के कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत भारी टैरिफ लगा दिया है।

President Trump just called out Canada for wanting the benefits of being a U.S. state without actually being one. He said Canada has charged American farmers massive tariffs for years. No more free rides. Trump made it clear the unfair treatment ends now. America First means… pic.twitter.com/nq5G26PCOM

— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) August 23, 2026

कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रतिक्रिया
अमेरिका के इस कदम पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डील टूटने के लिए अमेरिकियों द्वारा किए गए 'अंतिम समय के बदलावों' को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से जो नई शर्तें रखी गईं, वे पूरी तरह से "अनुचित और अव्यवहारिक" थीं, जिससे किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कार्नी ने शनिवार को कहा था, "हाल के दिनों में अमेरिका ने ऐसी शर्तें पेश कीं जो अव्यवहारिक और अनुचित थीं, और कनाडा के लिए मिलने वाले फायदों को कमजोर करती थीं। हम उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते और न ही उनकी मांगें मानेंगे।"

क्यों टूटी यह ट्रेड डील?
कनाडा की ओर से ऑटोमोबाइल, स्टील और एल्युमिनियम के क्षेत्र में ट्रंप प्रशासन से राहत की मांग की जा रही थी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमियन ग्रीर के अनुसार, वाशिंगटन इन क्षेत्रों में टैरिफ घटाने पर सहमत हो गया था, जिससे कनाडा को किसी भी व्यापारिक साझीदार की तुलना में सबसे अधिक प्राथमिकता मिलती। हालांकि, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि समझौता इसलिए विफल हुआ क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे।

इसके अलावा, अमेरिकी वार्ताकारों द्वारा फ्रेंच भाषा और पूर्वी कनाडाई प्रांत 'क्यूबेक संस्कृति' को लेकर दी गई अस्वीकार्य धमकियों ने भी विवाद को और बढ़ा दिया। इस बढ़ते ट्रेड वॉर को लेकर अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों और मिनेसोटा, न्यूयॉर्क तथा वाशिंगटन जैसे सीमावर्ती राज्यों के गवर्नरों ने तीखी नाराजगी जताई है और ट्रंप की नीतियों को अमेरिका में महंगाई बढ़ाने वाला बताया है। दोनों देशों के बीच अब यूएसएमसीए (USMCA) समझौते के संशोधनों को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है, जबकि ट्रंप के बयानों ने कनाडाई नागरिकों को और नाराज कर दिया है।