अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के कई एजेंट कथित तौर पर उनकी बार-बार होने वाली अचानक यात्रा योजनाओं और आखिरी समय में बदले जाने वाले कार्यक्रमों से परेशान हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन लगातार बदलावों से सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, टीम का मनोबल प्रभावित हो रहा है और सरकारी धन के अनावश्यक खर्च को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं।
क्या गोल्फ सीखने के लिए हेलीकॉप्टर ले जाने की तैयारी थी?
एमएस नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, एक घटना ने कई सुरक्षा एजेंटों को खास तौर पर नाराज कर दिया। बताया गया कि वेंस और उनके छोटे बेटे को गोल्फ सीखने के लिए वॉशिंगटन के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक मरीन टू हेलीकॉप्टर से ले जाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि खराब मौसम के कारण यह उड़ान नहीं हो सकी, लेकिन केवल इस तरह का प्रस्ताव ही कई एजेंटों को हैरान कर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक एजेंट ने निजी संदेश में कहा कि यह पूरी तरह बेतुका है। माइक पेंस और कमला हैरिस ने कभी ऐसा नहीं किया। एक दूसरे एजेंट ने कहा कि ये लोग हर समय अपना कार्यक्रम बदल देते हैं। तय समय का पालन नहीं करते और इससे करदाताओं के लाखों डॉलर बेवजह खर्च होते हैं।
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एक हेलीकॉप्टर यात्रा पर कितना आता है खर्च?
रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीन टू हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करने के लिए व्हाइट हाउस सैन्य कार्यालय की मंजूरी जरूरी होती है। वर्ष 2022 के पेंटागन के बजट के अनुसार, इस हेलीकॉप्टर को उड़ाने पर हर घंटे 16 हजार से 24 हजार 600 अमेरिकी डॉलर तक खर्च आता है। सूत्रों के अनुसार, सरकारी हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल पर कोई औपचारिक रोक नहीं है, लेकिन इस तरह की यात्रा पहले कभी नहीं हुई। उनका कहना है कि ऐसी अचानक की गई मांगों से सुरक्षा एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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क्या नया घर देखने के लिए भी कई बार हेलीकॉप्टर से गए?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस, जो अमेरिका की सेकेंड महिला हैं, हाल ही में नया घर देखने के लिए वर्जीनिया के मिडलबर्ग कई बार हेलीकॉप्टर से गए। दंपति के तीन बच्चे हैं, जिनकी उम्र 9, 6 और 4 वर्ष है। रिपोर्ट के अनुसार, वे अपने चौथे बच्चे के आने का इंतजार कर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि बार-बार कार्यक्रम बदलने और पहले से जानकारी नहीं देने की वजह से सुरक्षा टीम में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बार-बार बदलते शेड्यूल से टीम परेशान
सूत्र के मुताबिक, सुरक्षा टीम इस बात से थक चुकी है कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी जाती और लगभग हर योजना आखिरी समय में बदल दी जाती है। वेंस अब भी खुद को अमेरिकी सीनेटर की तरह स्वतंत्र रूप से घूमने वाला व्यक्ति समझते हैं।
मजाक उड़ाने के लिए एजेंटों ने बनवाए स्टिकर?
रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा टीम के भीतर नाराजगी इतनी बढ़ गई कि कुछ एजेंटों ने अनौपचारिक स्मृति-चिह्न और स्टिकर बनवा लिए। एक स्टिकर पर बॉबकैट (वेंस का सीक्रेट सर्विस पहचान नाम) की तस्वीर के साथ 'टीबीडी, टीबीडी' और नीचे 'पहले तैयारी करो, फिर आखिरी समय में बदलाव करो, और यही सिलसिला दोहराओ' जैसा संदेश लिखा गया था। दूसरा स्टिकर पुलिस बैज की तरह बनाया गया था, जिस पर लिखा था 'बॉबकैट ओटीआर सर्वाइवर्स क्लब।'
वेंस के दफ्तर ने इन आरोपों पर क्या कहा?
द इंडिपेंडेंट के अनुसार, उपराष्ट्रपति वेंस के प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए सुरक्षा एजेंटों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वेंस परिवार अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के सभी अधिकारियों का आभारी है, जो पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश की सेवा कर रहे हैं। ऐसे उपराष्ट्रपति की सुरक्षा करना, जिनके पास कई बड़ी जिम्मेदारियां हैं और जिनका परिवार भी छोटा होने के साथ बढ़ रहा है, आसान काम नहीं है। इसके बावजूद सीक्रेट सर्विस के एजेंट हर दिन अपना काम बेहतरीन तरीके से कर रहे हैं।
क्या सीक्रेट सर्विस ने अपने एजेंटों का बचाव किया?
सीक्रेट सर्विस के उप निदेशक मैथ्यू क्विन ने कहा कि सुरक्षा एजेंट पहले से जानते हैं कि वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा में लंबे समय तक काम करना, लगातार यात्रा करना और हर समय बदलती परिस्थितियों के अनुसार काम करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रात हो, छुट्टी का दिन हो या त्योहार, यह सब इस नौकरी का हिस्सा है। हमारे एजेंट नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके सामान्य जीवन को भी यथासंभव सामान्य बनाए रखने की कोशिश करते हैं। एजेंसी अपने कर्मचारियों के साथ खड़ी है और यह जिम्मेदारी चौबीसों घंटे समर्पण, अनुशासन और सतर्कता की मांग करती है।
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क्या पत्रकार ने इसे सीक्रेट सर्विस के लिए 'खतरे की घंटी' बताया?
एमएस नाउ के कार्यक्रम में इस रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए पत्रकार कैरोल लियोनिग ने कहा कि सीक्रेट सर्विस के एजेंटों का इस तरह खुलकर नाराजगी जताना बहुत ही असामान्य है। सीक्रेट सर्विस के लोग आमतौर पर शिकायत नहीं करते। जब वे इस तरह नाराज दिखाई दें तो इसे खतरे की घंटी समझना चाहिए। यह एजेंसी पहले से ही कम संसाधनों और ज्यादा काम के बोझ के साथ काम कर रही है। लियोनिग ने बताया कि कुछ एजेंटों ने इस पूरे मामले को 'शाही व्यवहार' तक करार दिया। उनके मुताबिक, कुछ एजेंटों का कहना था कि ऐसा लग रहा है जैसे उपराष्ट्रपति के बच्चों को शाही परिवार जैसा विशेष व्यवहार दिया जा रहा हो, जबकि आम तौर पर सीक्रेट सर्विस की भूमिका ऐसी नहीं होती।