
UPSC तैयारी के लिए दिव्या मित्तल की खास सलाह
UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में नोट्स बनाना बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन नोट्स तभी फायदेमंद होते हैं जब वो सही तरीके से तैयार किए जाएं. IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने नोट्स बनाने के तरीके को लेकर कुछ अहम बातें शेयर की हैं. उनके मुताबिक नोट्स लंबे और बोझिल होने के बजाय छोटे, व्यक्तिगत और परीक्षा में सीधे इस्तेमाल किए जा सकने वाले होने चाहिए. उन्होंने बताया कि नोट्स में सिर्फ जानकारी इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे इस तरह व्यवस्थित करना जरूरी है कि जरूरत पड़ने पर उससे तुरंत आंसर तैयार किया जा सके. इसके लिए उन्होंने एक खास तरीका भी बताया है.
नोट्स छोटे और दोहराने में आसान रखें
दिव्या मित्तल के अनुसार नोट्स का पहला नियम है कि वो ज्यादा लंबे नहीं होने चाहिए. इन्हें इतना शॉर्ट रखें कि एक रात में आसानी से दोहराया जा सके. नोट्स बनाने के नाम पर अलग-अलग जगहों से लगातार जानकारी जुटाकर कॉपी भरते जाना सही तरीका नहीं है. इससे पढ़ाई आसान होने के बजाय मैटेरियल का बोझ बढ़ जाता है. इसलिए केवल जरूरी और परीक्षा उपयोगी बिंदुओं को ही नोट्स में शामिल करें.
दूसरों के नोट्स से बेहतर हैं अपने बनाए नोट्स
दूसरा नियम नोट्स को व्यक्तिगत रखने का है. दिव्या मित्तल का कहना है कि खुद के बनाए नोट्स ज्यादा प्रभावी होते हैं, क्योंकि उनमें आपकी अपनी जरूरतों के हिसाब से जानकारी होती है. आपको कौनसी चीज याद रखने में परेशानी होती है, कौनसी ट्रिक आपके लिए काम करती है और किन गलतियों को आप बार-बार दोहराते हैं, यह कोई दूसरा व्यक्ति नहीं जान सकता. इसलिए नोट्स में अपने शॉर्टकट, उदाहरण और याद रखने के तरीके जरूर शामिल करें.
सिर्फ तथ्य नहीं आंसर राइटिंग की तैयारी करें
दिव्या मित्तल के मुताबिक नोट्स का तीसरा और सबसे अहम नियम है कि वो केवल तथ्यों का कलेक्शन न बनें. तथ्यों को उन्होंने किसी विषय के Ingredients यानी सामग्री जैसा बताया. असली जरूरत यह समझने की है कि इन तथ्यों का इस्तेमाल आंसर में कैसे करना है.
उनके अनुसार नोट्स ऐसे होने चाहिए जिनकी मदद से परीक्षा में सीधे आंसर तैयार किया जा सके. इसके लिए उन्होंने छह ब्लॉक्स की पद्धति बताई है. हर टॉपिक को इन छह हिस्सों में बांटकर नोट्स तैयार किए जा सकते हैं. इसके बाद सवाल में दिए गए निर्देश, जैसे Evaluate, Describe या Analyze, के अनुसार संबंधित ब्लॉक्स को चुनकर आंसर बनाया जा सकता है. इस तरीके से नोट्स रिवीजन के साथ-साथ आंसर लेखन में भी मददगार बनते हैं और परीक्षा के समय आत्मविश्वास बढ़ाते हैं.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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