Sep 08, 2026 08:59 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, मुंबई

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के 7वें एडिशन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP बढ़ोतरी ने दुनिया भर में भरोसा जगाया है।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के 7वें एडिशन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित करते PM नरेंद्र मोदी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार (8 सितंबर) को फिनटेक क्षेत्र से एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) की वैश्विक पहुंच बढ़ाने, इसे अन्य देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ने और प्रवासी भारतीयों के लिए पैसा भेजने की लागत कम करने में मदद करने का आह्वान किया। मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 को संबोधित करते हुए, PM मोदी ने भारत की फिनटेक यात्रा को शानदार बताया और कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इसके सबसे बड़े ड्राइवरों में से एक रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीआई मंच अब 11 देशों में काम कर रहा है और इसे सिंगापुर की स्थानीय भुगतान प्रणाली से भी जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) क्षेत्र से पिछले एक दशक की उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर रुकने के बजाय यूपीआई की पहुंच को और व्यापक बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में यूपीआई देशभर में वास्तविक समय में भुगतान का व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला मंच बन गया है।
सबसे बड़ा चैंपियन हमारा UPI है
PM ने कहा, "मैं फिर से कहूंगा कि भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस और भी तेजी से आगे बढ़ेगी। दोस्तों, भारत की फिनटेक कहानी शानदार रही है, और इसका एक सबसे बड़ा चैंपियन हमारा UPI है।" PM मोदी ने कहा कि UPI से आए बदलाव का दायरा इतना बड़ा है कि भारत के फिनटेक सेक्टर पर कोई भी चर्चा इस डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का ज़िक्र किए बिना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा, “जब भी हम फिनटेक के बारे में बात करते हैं, तो UPI के बिना चर्चा अधूरी रहेगी।”
उन्होंने कहा कि ध्यान उन देशों पर होना चाहिए जहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय रहते हैं, भारत के साथ व्यापार की मात्रा अधिक है या जो भुगतान प्रणालियों को जोड़ने में भारत के साथ साझेदारी करने के इच्छुक हैं। मोदी ने कहा, ''यह जरूरी है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय विदेशों में काम करते हैं। वे सबसे अधिक पैसा भेजने वाले लोग हैं। जो पैसा भेजा जाता है, उसका एक हिस्सा लेनदेन लागत में चला जाता है। यूपीआई इस लागत को बचाने में मदद कर सकता है और पैसा परिवारों तक तेजी से भी पहुंच सकता है।''
यूपीआई केवल प्रौद्योगिकी की कहानी नहीं
उन्होंने कहा कि वैश्विक कार्ड भुगतान फिलहाल अन्य देशों में विकसित प्रणालियों पर चलते हैं, लेकिन भारत के पास अब इसका विकल्प मौजूद है। मोदी ने कहा, "हम अपने नियम और मानक खुद तय कर सकते हैं और उन्हें दुनिया से जोड़ सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि यूपीआई केवल प्रौद्योगिकी की कहानी नहीं है, बल्कि यह सभ्यता से भी जुड़ी है।
साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने का भा आह्वान
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में भुगतान के क्षेत्र में मिली बड़ी सफलताओं के बाद भारतीय फिनटेक उद्योग को अब गैर-भुगतान आधारित वित्तीय सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने फिनटेक समुदाय से अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने निजी जानकारी संरक्षण मानकों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत फिनटेक नियामकीय परिवेश और फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक विकसित किया जाना चाहिए, जिससे पारदर्शिता के आधार पर हर कंपनी का आकलन किया जा सके। (भाषा इनपुट्स के साथ)