नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): आम लोगों के लिए यूपीआई से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब वह दिन दूर नहीं जब आप बिना इंटरनेट के भी अपना यूपीआई पेमेंट आसानी से कर सकेंगे। सामने आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जल्द ही एक ऐसी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सुविधा शुरू होने जा रही है, जिसकी मदद से ग्राहक मर्चेंट के पॉइंट-ऑफ-सेल (PoS) टर्मिनल पर तब भी पेमेंट कर पाएंगे, जब फोन या मशीन किसी भी डिवाइस में इंटरनेट काम न कर रहा हो।
बिना नेटवर्क वाले इलाकों में मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
यह खास फीचर मुख्य रूप से उन जगहों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी या तो उपलब्ध नहीं होती या फिर बिल्कुल भरोसेमंद नहीं होती है। इसमें हवाई जहाज के केबिन से लेकर अंडरग्राउंड ट्रेन नेटवर्क और दूरदराज के इलाके शामिल हैं। इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी होने पर पहले अपने डिवाइस के यूपीआई लाइट वॉलेट में पैसे लोड करने होंगे। इसके बाद जब वे ऑफलाइन होंगे, तो बिना किसी यूपीआई पिन के टर्मिनल पर टैप करके आसानी से उस बैलेंस का इस्तेमाल पेमेंट के लिए कर सकेंगे।
एनएफसी तकनीक से ऐसे पूरा होगा आपका ऑफलाइन ट्रांजेक्शन
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) साल 2026 में प्रमुख टर्मिनल बनाने वाली कंपनियों के पीओएस डिवाइस को इस नई सुविधा के लिए सर्टिफाई करना शुरू कर सकता है। इस पूरी प्रस्तावित व्यवस्था में नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत ग्राहकों को अपने एनएफसी इनेबल्ड फोन को सिर्फ ऑफलाइन टर्मिनल पर टैप करना होगा और वे बिना रुके 2,000 रुपये तक का पेमेंट चुटकियों में कर सकेंगे। जब डिवाइस ऑफलाइन होगा तब पीओएस मशीन पेमेंट ऑथराइजेशन को अपने पास स्टोर कर लेगी और जैसे ही कनेक्टिविटी वापस आएगी, उसे नेटवर्क पर आगे प्रोसेस कर देगी।
यूपीआई लाइट एक्स से कैसे अलग है यह नई व्यवस्था
आपको बता दें कि एनपीसीआई द्वारा एनएफसी का यह कोई पहला इस्तेमाल नहीं है। इससे पहले सितंबर 2023 में यूपीआई लाइट एक्स को भी पेश किया गया था, जिसे मोबाइल कनेक्टिविटी न होने पर ऑफलाइन पेमेंट के लिए डिजाइन किया गया था। यूपीआई लाइट एक्स में एनएफसी-इनेबल्ड फोन के बीच ऑफलाइन पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट और क्यूआर कोड या साउंडबॉक्स पर टैप करके पैसे चुकाने की सुविधा दी गई थी। हालांकि, यह नया फीचर इससे एक कदम आगे है। इस नई तकनीक का सबसे बड़ा अंतर एक्सेप्टेंस हार्डवेयर का है। अब इस फीचर का विस्तार सर्टिफाइड पारंपरिक पीओएस टर्मिनलों तक किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों को मशीन डिस्कनेक्ट होने की स्थिति में भी आसानी से पेमेंट मिल सकेगा।