Aug 09, 2026 02:10 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- UPI Payment new rule: नियमों में हुए संशोधन के बाद यह बहस छिड़ी हुई है कि क्या अब यूपीआई पेमेंट पर शुल्क लगेगा
- सरकार ने शनिवार को जारी बयान में साफ किया की ग्राहकों को UPI से भुगतान करने पर कोई पैसा नहीं देना होगा

UPI Payment new rule: यूपीआई से भुगतान अब भी ग्राहकों के लिए फ्री रहेगा।
UPI Payment new rule: बीते एक हफ्ते से इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या आने वाले समय में यूपीआई से पेमेंट करने पर कोई चार्ज वसूला जाएगा। इस बहस की शुरुआत पेमेंट एंड सेटलमेंट एक्ट में किए गए बदलाव के बाद हुई है। जिसमें मर्चेंट से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर बैंक के द्वारा पैसा लेने पर लगाया गया प्रतिबंध हट गया है।
इससे पहले बुधवार RBI के गवर्नर ने UPI पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि किसी को तो खर्च उठाना ही पड़ेगा। बता दें, लोगों के बीच उठ रहे सावालों को देखते हुए शनिवार को सरकार की तरफ से यूपीआई पेमेंट को लेकर बयान जारी किया गया है।
1- क्या यूजर्स को देना होगा यूपीआई से भुगतान पर पैसा
नहीं, यूजर्स पहले की तरह अब भी बिना किसी ट्रांजैक्शन चार्ज के पेमेंट कर पाएंगे। यानी उनसे कोई भी पैसा कहीं भी नहीं वसूला जाएगा।
2- एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पैसा भेजने पर देना होगा पेमेंट?
नहीं, व्यक्ति से व्यक्ति तक यूपीआई ट्रांजैक्शन पूरी तरह से फ्री रहेगा। यानी आप किसी दूसरे व्यक्ति या खुद के दूसरे अकाउंट में पहले की तरह ही फ्री यूपीआई पेमेंट कर पाएंगे।
3- कुछ व्यापारियों को देना पड़ सकता है पैसा
शुल्क लागू होने पर व्यापारियों को मामूली 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (एमडीआर) लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'एमडीआर केवल एक निश्चित सीमा से ऊपर, एक सीमित संख्या में व्यापारी लेनदेन पर मामूली दर से लागू होंगे, जो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के एमडीआर की तुलना में बहुत कम होगा।' छोटे दुकानदार जैसे किराना, सब्जी आदि इस दायरे से बाहर ही रहेंगे।
क्यों लिया गया है फैसला
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि वास्तव में यह संशोधन यूपीआई की दीर्घकालिक स्थिरता, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और उभरते खतरों के खिलाफ लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। बयान में कहा गया कि लेनदेन की अत्यधिक मात्रा के साथ प्रणाली को साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण व निरंतर सुधार की आवश्यकता है।
जुलाई 2026 के महीने में ही 2366 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं। इस दौरान कुल 29.90 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ। इसमें से 95 प्रतिशत ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से भी कम का है। ऐसे में नियमों में संशोधन से ग्राहक प्रत्यक्ष तौर पर दूर रहेंगे। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यूपीआई पर किसी भी तरह का शुल्क लगाया गया तो उसका असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singh
तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।
