August 26, 2026

UP Gratuity Rules: यूपी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा; अब 5 साल नहीं, महज 1 साल की नौकरी पर मिलेगी ग्रेच्युटी - Haribhoomi

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के करोड़ों कर्मचारियों और श्रमिकों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब फिक्स्ड टर्म और तय अवधि के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल के लंबे कार्यकाल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )

  • Published: 26 Aug 2026, 10:53 AM IST
  • Last Updated: 26 Aug 2026, 10:53 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने संगठित, असंगठित और औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के सामाजिक व वित्तीय अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब तक लागू व्यवस्था के तहत किसी भी प्रतिष्ठान में लगातार 5 वर्षों की संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद ही ग्रेच्युटी भुगतान का अधिकार मिलता था।

सरकार के इस ताजा फैसले से अब फिक्स्ड टर्म और कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम करने वाले उन लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो अक्सर पांच साल से पहले अनुबंध समाप्त होने के कारण इस वित्तीय लाभ से वंचित रह जाते थे।

फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को मिला सीधा हक, 1 साल में बनेगी पात्रता
श्रम नियमों में किए गए इस संशोधन के बाद अब फिक्स्ड टर्म रोजगार के तहत काम करने वाले श्रमिक यदि किसी संस्थान में न्यूनतम 1 वर्ष का कार्यकाल पूरा करते हैं, तो वे अपनी कार्य अवधि के अनुपात में ग्रेच्युटी के पात्र होंगे। इससे कंपनियों में प्रोजेक्ट आधारित नौकरियों या सीमित समय के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले युवाओं को नौकरी छोड़ने या अनुबंध पूरा होने पर उनकी सेवा के बदले एकमुश्त वित्तीय लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने पर जोर
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य तय अवधि के कर्मचारियों और नियमित कर्मचारियों के बीच सामाजिक सुरक्षा के अंतर को पाटना है। नए नियमों के प्रभावी होने से फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को वेतन, छुट्टियां, कार्य के घंटे और स्वास्थ्य लाभों के साथ-साथ अब ग्रेच्युटी का वैधानिक लाभ भी समान रूप से मिल सकेगा। इससे निजी कंपनियों में श्रमिकों के शोषण पर रोक लगेगी और काम के घंटों व सेवा शर्तों को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी।

औद्योगिक और निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे औद्योगिक निवेश और निजी कंपनियों के विस्तार के बीच इस फैसले को श्रम कल्याण का बड़ा कदम माना जा रहा है। विनिर्माण इकाइयों, आईटी कंपनियों, सेवा क्षेत्र, रिटेल और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग फिक्स्ड टर्म और अनुबंध के आधार पर कार्यरत हैं। पुरानी व्यवस्था में नौकरी बदलने या समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा होने पर उन्हें कोई ग्रेच्युटी नहीं मिलती थी, लेकिन नई व्यवस्था से 1 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होते ही उनका यह अधिकार स्वतः सुरक्षित हो जाएगा।

नियमों के उल्लंघन पर नियोक्ताओं पर होगी सख्त कार्रवाई
श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रेच्युटी के इन संशोधित नियमों का पालन सभी पंजीकृत कारखानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई संस्थान या नियोक्ता पात्र कर्मचारी का एक साल पूरा होने पर ग्रेच्युटी का भुगतान करने में आनाकानी करता है या देरी करता है, तो उसके खिलाफ श्रम कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान लागू रहेगा।