Updated: Monday, September 7, 2026, 10:33 [IST]
उत्तर प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव भले ही अभी कुछ महीने दूर हों, लेकिन सियासी हलचल तेज हो चुकी है। पार्टियां अपने समीकरण मजबूत करने में जुटी हैं। इस बीच चुनाव की संभावित टाइमिंग को लेकर भी तस्वीर साफ होती दिख रही है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में फरवरी-मार्च 2027 के दौरान चुनाव कराए जाने की संभावना है। जनगणना की तारीखों में बदलाव के बाद चुनाव और प्रशासनिक काम के बीच टकराव की स्थिति भी काफी हद तक टल गई है।
कब खत्म होगा किस विधानसभा का कार्यकाल?
पांचों राज्यों में सबसे पहले मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को खत्म होगा। इसके बाद गोवा की विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च 2027 को पूरा होगा। सबसे आखिर में उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म होगा।
यानी चुनाव आयोग के सामने पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया 13 मार्च से पहले पूरी कराने की चुनौती रहेगी। इसी वजह से फरवरी से मतदान शुरू होने की संभावना को मजबूत माना जा रहा है।
UP में कार्यकाल खत्म होने से दो महीने पहले वोट?
उत्तर प्रदेश का कार्यकाल मई 2027 में खत्म होना है। अगर चुनाव फरवरी या मार्च में कराए जाते हैं तो राज्य के मतदाता विधानसभा की मौजूदा अवधि पूरी होने से करीब दो महीने पहले ही मतदान कर चुके होंगे।
चुनाव आयोग को विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव कराने का अधिकार है। इसलिए सिर्फ कार्यकाल की अंतिम तारीख को देखकर चुनाव की टाइमिंग तय नहीं होती। आयोग प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा और दूसरे जरूरी इंतजामों को भी देखता है।
जनगणना की तारीख बदली, चुनाव की राह आसान
चुनाव और जनगणना दोनों बड़े प्रशासनिक काम हैं। दोनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। इनमें शिक्षक भी शामिल होते हैं। इसी वजह से चुनाव वाले राज्यों में जनगणना का कार्यक्रम पहले पूरा करने की तैयारी की गई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में जनगणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस बदलाव से चुनावी ड्यूटी और जनगणना की ड्यूटी के बीच टकराव की आशंका कम हो गई है।
SIR के बाद कितने वोटर बचे?
मतदाता सूची को लेकर भी इन पांच राज्यों में बड़ा काम चल रहा है। तीन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि दो राज्यों में यह काम जारी है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, SIR के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या करीब 13.4 करोड़, गोवा में 10.6 लाख और मणिपुर में 19.3 लाख रह गई है। वहीं पंजाब और उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची भी जल्द जारी होने की उम्मीद है। अब इन राज्यों में चुनाव से पहले मतदाता सूची, जनगणना और प्रशासनिक तैयारियां पूरी करने पर फोकस रहेगा।
फरवरी से शुरू हो सकता है चुनावी घमासान
पूरे घटनाक्रम को देखें तो पांचों राज्यों में चुनाव की तैयारियां अब धीरे-धीरे अंतिम दौर की तरफ बढ़ती दिख रही हैं। जनगणना का कार्यक्रम, मतदाता सूची का पुनरीक्षण और विधानसभाओं के कार्यकाल की अंतिम तारीखें मिलकर चुनावी टाइमलाइन का संकेत दे रही हैं।
हालांकि अंतिम चुनाव कार्यक्रम और मतदान की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ही करेगा। फिलहाल इतना साफ है कि 2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में बड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिल सकता है। यानी यूपी समेत पांचों राज्यों में सियासी दलों के पास अब तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं है। चुनावी बिगुल बजने से पहले ही टिकट, गठबंधन, वोट बैंक और उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने वाली हैं।