UP Crime: उत्तर प्रदेश में बच्चों की गुमशुदगी को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. NCRB की Crime in India 2024 रिपोर्ट के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, 2024 में प्रदेश में 3,495 बच्चे लापता दर्ज हुए.साल के दौरान 3,737 बच्चों को तलाश कर बरामद या ट्रेस किया गया, लेकिन वर्ष के अंत तक 1,803 बच्चे अब भी अनट्रेस थे.इनमें 1,042 लड़कियां और 761 लड़के शामिल हैं.
2024 में 2,057 लड़कियां हुईं लापता
आंकड़ों के मुताबिक 2024 में यूपी में लापता हुए 3,495 बच्चों में 2,057 लड़कियां और 1,438 लड़के थे.यानी लापता बच्चों में लड़कियों की हिस्सेदारी करीब 59 फीसदी रही.वहीं साल के दौरान पुलिस की ओर से 3,737 बच्चों को ट्रेस किया गया.इनमें 2,123 लड़कियां, 1,611 लड़के और तीन ट्रांसजेंडर बच्चे शामिल थे.
देश में भी बढ़ी बच्चों की गुमशुदगी
NCRB की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 98,375 बच्चे लापता दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 91,296 थी.यानी एक साल में करीब 7.8 फीसदी की वृद्धि हुई.2024 में लापता बच्चों में 75,603 लड़कियां, 22,768 लड़के और चार ट्रांसजेंडर बच्चे थे. रिपोर्ट के अनुसार 2024 में देशभर में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,87,702 मामले दर्ज हुए.इनमें अपहरण और बहला-फुसलाकर ले जाने से जुड़े मामले प्रमुख अपराधों में शामिल रहे.
पुराने मामलों को भी जोड़ें तो चिंता और बड़ी
गौर करने वाली बात यह है कि किसी वर्ष लापता हुए बच्चों की संख्या और वर्ष के अंत में अनट्रेस बच्चों की संख्या एक ही चीज नहीं होती.अनट्रेस आंकड़े में पिछले वर्षों से तलाश में चल रहे मामले भी शामिल हो सकते हैं.गृह मंत्रालय की ओर से संसद में उपलब्ध कराए गए NCRB आंकड़ों में भी ‘previous years’ के अनट्रेस मामलों को अलग से दर्ज करने की व्यवस्था बताई गई है. इसलिए 1,803 का आंकड़ा 2024 में लापता हुए बच्चों में से ही बचे बच्चों की संख्या मानना सही नहीं होगा.यह उस समय प्रदेश में मौजूद कुल अनट्रेस बच्चों का आंकड़ा है.यही वजह है कि बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में तत्काल रिपोर्टिंग, पुलिस की सक्रिय तलाश और परिवारों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.
यूपी में गुमशुदगी पर पुलिस का अभियान
यूपी पुलिस के मुताबिक प्रदेश में सभी उम्र के गुमशुदा लोगों को तलाशने के लिए अभियान भी चलाया गया है.पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में 1,08,372 गुमशुदगी दर्ज हुईं, जिनमें 88,022 लोगों को 18 फरवरी 2026 तक ट्रेस किया गया.यह आंकड़ा बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी उम्र के गुमशुदा लोगों का है.
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