Updated: Monday, October 12, 2026, 12:01 [IST]
UP Pension Hike Proposal: उत्तर प्रदेश में सरकारी पेंशन के सहारे अपनी जरूरतें पूरी करने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। महंगाई के इस दौर में दवाइयों से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कम आमदनी वाले बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली आर्थिक मदद में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है।
प्रदेश सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रही है, जिसके लागू होने से लाखों परिवारों को हर महीने पहले से ज्यादा पैसे मिल सकते हैं। खास बात यह है कि इसका फायदा किसी एक जिले या वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की तीन बड़ी पेंशन योजनाओं से जुड़े लोगों को मिल सकता है। हालांकि, बढ़ी हुई रकम कब से मिलेगी और इसके लिए क्या फैसला लिया जाएगा, इसे लेकर अभी अंतिम मंजूरी बाकी है।
1000 से बढ़कर 1500 रुपये हो सकती है पेंशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन की राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, इन तीनों योजनाओं में मिलने वाली पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह की जा सकती है।
ये भी पढ़ें: बंगाल सरकार का बड़ा फैसला! भगिनी निवेदिता योजना को मंजूरी, किन्हें और कैसे मिलेंगे 50 हजार रुपये?
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। इसलिए फिलहाल लाभार्थियों को पहले की तरह 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से ही पेंशन मिल रही है।
सालभर में मिलेंगे 6000 रुपये अतिरिक्त
अगर सरकार पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो प्रत्येक पात्र लाभार्थी को हर महीने 500 रुपये ज्यादा मिलेंगे। अभी 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक साल में कुल 12 हजार रुपये की पेंशन बनती है।
वहीं, राशि बढ़कर 1500 रुपये होने पर सालाना पेंशन 18 हजार रुपये हो जाएगी। इस तरह लाभार्थियों को एक साल में कुल 6000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
1.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा
पेंशन बढ़ोतरी का यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के 1.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों से जुड़ा है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले लोगों की है।
| पेंशन योजना | लाभार्थियों की संख्या |
|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशन | 67 लाख से अधिक |
| निराश्रित महिला पेंशन | 42 लाख से अधिक |
| दिव्यांगजन पेंशन | करीब 12 लाख |
| कुल लाभार्थी | 1.21 करोड़ से अधिक |
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इन तीनों वर्गों के पात्र लाभार्थियों को बढ़ी हुई राशि का फायदा मिल सकता है।
पहले 500 रुपये मिलती थी पेंशन
उत्तर प्रदेश में इन योजनाओं के तहत पहले लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। साल 2017 के बाद राज्य सरकार ने अलग-अलग चरणों में इस राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया था। अब सरकार इसे एक बार फिर बढ़ाने की तैयारी में है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
दिसंबर के बजट में हो सकता है ऐलान
पेंशन बढ़ोतरी के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट में इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। अगर प्रस्ताव को समय पर मंजूरी मिलती है, तो चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई पेंशन देने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अभी इसकी कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की गई है। पेंशन बढ़ने की शुरुआत कैबिनेट के फैसले और बजट में धनराशि की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
इन कर्मचारियों का मानदेय भी बढ़ा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सरकार अलग-अलग वर्गों के लिए कई फैसले और घोषणाएं कर रही है। इससे पहले रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने के आदेश जारी किए गए थे।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा भी की है। अब पेंशन बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर लाखों लाभार्थियों की नजर है। हालांकि, जब तक सरकार अंतिम आदेश जारी नहीं करती, तब तक 1500 रुपये प्रतिमाह की पेंशन को लागू फैसला नहीं माना जाएगा।
ये भी पढ़ें: सच में बंद होने वाली है लाड़ली बहना योजना? CM मोहन यादव के बयान के बाद मची हलचल, जानें पूरा सच