उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे सड़क चौड़ीकरण के दौरान संकट मोचन हनुमान मंदिर को हटाने के विरोध में बजरंग दल और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन और चक्काजाम किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
उज्जैन में हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में बजरंग दल का चक्काजाम
- Published: 07 Aug 2026, 10:34 AM IST
- Last Updated: 07 Aug 2026, 10:34 AM IST
उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के बीच संकट मोचन हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई के विरोध में हिंदू संगठनों और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने देर रात मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ और महाआरती की। इसके बाद सड़क पर चक्काजाम कर मंदिर को हटाने का विरोध जताया। हालांकि नगर निगम अधिकारियों की समझाइश और बातचीत के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है
उज्जैन के कंठाल, सती गेट और छत्री चौक इलाके में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसकी जद में आने वाले भवनों और धार्मिक स्थलों को हटाया या दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। सती गेट स्थित गणेश मंदिर को भी हाल ही में दूसरी जगह स्थापित किया गया है। मंदिर में आखिरी आरती के बाद गणेश प्रतिमा को सावधानी से नए स्थान पर ले जाया गया।
इसी क्षेत्र में स्थित प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर को हटाने की बात सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मंदिर के सामने धार्मिक अनुष्ठान करते हुए विरोध दर्ज कराया।
25 से 30 मंदिर हटाने का दावा
बजरंग दल के पदाधिकारियों का आरोप है कि शहर में चौड़ीकरण और विकास कार्यों के नाम पर अब तक करीब 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि प्राचीन मंदिरों को हटाने से धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो रही हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी मंदिर को हटाने या उसके साथ छेड़छाड़ की कार्रवाई की गई तो उज्जैन बंद और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
पुजारी बोले- विकास के खिलाफ नहीं
मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों में बाधा डालना नहीं है। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध स्थान पर मंदिर को शिफ्ट करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन मंदिर को पूरी तरह हटाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा।
नगर निगम ने दिया बातचीत का भरोसा
प्रदर्शन की सूचना पर नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि कंठाल चौराहे पर निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी दिक्कत सामने आई थी। इस विषय में मंदिर समिति, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय लोगों से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।