- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Gorakhpur
- UP BJP Meeting | Vinod Tawde Confronts MLA Concerns Over UGC & UPI
गोरखपुर55 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के लिए जनप्रतिनिधियों की बैठक ज्यादा चौंकाने वाली रही। इसमें सांसदों, विधायकों एवं स्थानीय निकायों के अध्यक्षों को अपनी बात रखने को कहा गया था। कई विधायकों ने सार्वजनिक रूप से अपना 'डर' बयां किया।
यह डर UGC कानून को लेकर था, हाल ही में UPI से 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने को लेकर था। इसके साथ ही उन्होंने जनता के कुछ मुद्दों को लेकर अपनी मजबूरी भी बताई। हालांकि ये बातें वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों में से कुछ ने ही कही। गोरखपुर के अधिकतर जनप्रतिनिधि चुप ही रहे।

प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी जगदीश पटेल ने जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की।
क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों की बैठक शुरू हुई तो प्रदेश प्रभारी ने उन्हीं से अपनी बातें रखने को कहा। प्रदेश प्रभारी ने सबके विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे राजनीतिक समीकरण,वहां भाजपा की स्थिति, यदि कोई कमी हो तो सुधार के लिए क्या किया जा सकता है, के बारे में पूछा था। लेकिन जब जनप्रतिनिधि बोलने उठे तो अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर केंद्रित हो गए। भाजपा सूत्रों की मानें तो जमीनी स्थिति को भी कई लोगों ने अपने क्षेत्र में अनुकूल नहीं बताया।
कुछ विधायकों ने UGC का मुद्दा उठाते हुए सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी का जिक्र किया। कुछ लोगों ने UPI से पेमेंट को लेकर आए ताजा अपडेट से लोगों की नाराजगी का मुद्दा उठाया। विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की बातों को तावड़े ने ध्यान से सुना। उनकी ओर से बताई गई समस्याओं को भी नोट किया गया।
सबसे ज्यादे मामला UGC को लेकर था। उससे एक डर सा नजर आया। हाल के दिनों में इस मुद्दे को लेकर शुरू हो रहे आंदोलन के बाद धरातल पर चर्चा शुरू हो गई है। इस चर्चा को लेकर विधायकों ने चिंता जताई। कई विधायक ऐसे रहे, जिन्होंने कहा कि चुनाव आ चुका है, इसलिए उनके क्षेत्र में उनके काम दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भी इस मामले में निर्देश दिया जाना चाहिए।
एक सांसद ने कहा कि विकास तो बहुत हुए हैं लेकिन जनता विकास पर वोट कहां देती है। वह तो जाति के नाम पर चली जाती है। बैठक में उन्होंने संगठन का मु्द्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई सक्षम लोगों को संगठन में पद नहीं मिले। हालांकि बैठक से बाहर निकलने के बाद सभी ने कहा कि सबको प्रदेश व केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में जनता को बताने को कहा गया है। हम एक-एक व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाएंगे। जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, डा. संजय निषाद, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, दानिश अंसारी, सांसद, विधायक, स्थानीय निकायों के अध्यक्ष आदि मौजूद रहे।
.