August 12, 2026

कर्नाटक में स्पेशल UAPA कोर्ट जरूरी... सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश, जानें पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए एक और स्पेशल कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है.एससी के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने पीएफआई साजिश केस में आरोपी शाहिद खान की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार को ये निर्देश दिए हैं.

जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कर्नाटक के वकील से कहा कि अंतरिम जमानत अर्जी और गवाहों से पूछताछ के बारे में आपकी समझ गलत है. गवाहों से पूछताछ सुनवाई का ही हिस्सा हैं. जब कोई गवाह मौजूद होता है, तो भारत में कहीं भी उसे जमानत अर्जी दाखिल होने की वजह से वापस नहीं भेजा जाता. अंतरिम अर्जी दाखिल करने का मतलब यह नहीं है कि गवाहों से पूछताछ जारी नहीं रह सकती.

कर्नाटक राज्य के वकील ने कहा कि सुनवाई में छह महीने से ज्यादा समय नहीं लगेगा. ये गंभीर अपराध हैं. CJI सूर्यकांत ने कहा कि आप कहते हैं कि केवल तीन सुरक्षित गवाहों से पूछताछ की जानी है और 707 गवाहों में से केवल 50 ही अहम हैं. उनसे पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं.

पीठासीन अधिकारी के पास कई अन्य मामले लंबित

CJI सूर्य कांत ने कहा कि इस मामले के खास हालात को देखते हुए, जहां अभियोजन पक्ष 707 गवाहों (जिनमें 64 सुरक्षित गवाह शामिल हैं) से पूछताछ करना चाहता है, हमें लगता है कि जब तक सुनवाई रोजाना नहीं होती, तब तक इसे उचित समय में पूरा करना लगभग असंभव होगा. अदालतों पर कई मामलों का बोझ है. हमें याचिकाकर्ता के सीनियर वकील ने यह भी बताया है कि इस मामले की सुनवाई कर रहे पीठासीन अधिकारी के पास कई अन्य मामले भी लंबित हैं.

CJI सूर्य कांत कर्नाटक को स्पेशल कोर्ट बनाने के निर्देश दिए

CJI सूर्य कांत ने कहा कि हम इस बात से सहमत हैं कि कर्नाटक राज्य को एक विशेष अदालत बनानी चाहिए, जहां इस मामले की सुनवाई रोजाना हो सके. हम कर्नाटक राज्य को निर्देश देते हैं कि UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए तुरंत जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराए. जिसमें कर्नाटक उच्च न्यायिक सेवा में एक अतिरिक्त पद का सृजन, साथ ही जरूरी स्टाफ और अन्य संबंधित सुविधाएं शामिल हों, जैसा कि हाई कोर्ट के नियमों में तय किया गया है. जरूरी मंजूरी दो सप्ताह के भीतर दी जानी चाहिए.

UAPA मामलों की रोजाना हो सुनवाई

CJI एक बार जब राज्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ और पदों को मंजूरी दे दे, तो हम कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि वे एक अतिरिक्त न्यायिक अधिकारी उपलब्ध कराएं और विशेष रूप से UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन करे. यह मामला भी विशेष अदालत को सौंपा जाएगा.

पीठासीन अधिकारी सबसे पहले तीन सुरक्षित गवाहों से पूछताछ करेंगे, उसके बाद अन्य अहम गवाहों से, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियोजन पक्ष के लिए अहम सबूत अधिकतम तीन महीने की अवधि में दर्ज हो जाएं.

पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

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