July 14, 2026

Twisha Sharma Case: भोपाल कोर्ट में आज अहम सुनवाई, CBI पेश कर सकती है AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट - Haribhoomi

भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को जिला कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हो सकती है। CBI दिल्ली AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर सकती है।

Twisha Sharma

भोपाल कोर्ट में आज अहम सुनवाई

  • Published: 14 Jul 2026, 09:36 AM IST
  • Last Updated: 14 Jul 2026, 09:36 AM IST

भोपाल: मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को जिला कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस दौरान मामले के दोनों आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे एडवोकेट समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया जा सकता है। इससे पहले भी दोनों की पेशी इसी माध्यम से कराई गई थी।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई
माना जा रहा है कि इस सुनवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दिल्ली स्थित AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश कर सकती है। यह रिपोर्ट मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए थे।

CBI ने 25 मई को जांच अपने हाथ में ली
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने 25 मई 2026 को मामले की जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद एजेंसी लगातार वैज्ञानिक साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को 11 पन्नों की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी थी। इसकी एक प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। हालांकि रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

तथ्य की पुष्टि कोर्ट में रिपोर्ट पेश होने के बाद
जानकारी के मुताबिक, वैज्ञानिक जांच में कथित तौर पर फांसी के लिए इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मिले निशानों और ट्विशा की गर्दन पर पाए गए लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता मिलने का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि कोर्ट में रिपोर्ट पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
CBI ने जांच के दौरान घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन भी किया था। एक जून को एजेंसी की टीम डमी के साथ गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी, जहां घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की गई।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू 60 दिन की वैधानिक जांच अवधि है। CBI ने 25 मई को जांच शुरू की थी, इसलिए तय समय-सीमा पूरी होने से पहले एजेंसी को कोर्ट में चालान दाखिल करना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो आरोपी पक्ष को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत मांगने का अधिकार मिल सकता है। ऐसे में मंगलवार की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।