
TVS परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर झगड़ा
TVS Family Dispute: भारत के सबसे पुराने मशहूर औद्योगिक घरानों में से एक टीवीएस (TVS) ग्रुप इन दिनों अंदरूनी खींचतान से गुजर रहा है. वेणु श्रीनिवासन परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के आर्थिक बंटवारे को लेकर मामला उलझा हुआ है. इस पूरे मामले में अच्छी बात ये है कि कंपनियों के रोजाना के कामकाज या टीवीएस ब्रांड के इस्तेमाल को लेकर कोई झगड़ा नहीं है. विवाद का मुख्य कारण सिर्फ पारिवारिक संपत्ति का आर्थिक बंटवारा है. सुदर्शन वेणु, लक्ष्मी वेणु से लेकर मल्लिका श्रीनिवासन जैसे बड़े नाम इस पूरी चर्चा के केंद्र में हैं. आइए समझते हैं कि आखिर ये विवाद क्या है, इसकी शुरुआत कैसे हुई है.
विवाद की असली जड़ क्या है
वेणु श्रीनिवासन परिवार कई बड़े बिजनेस संभालता है. इनमें टीवीएस होल्डिंग्स, टीवीएस मोटर कंपनी, टीवीएस क्रेडिट के साथ-साथ सुंदरम-क्लेटन शामिल हैं. इन कंपनियों का कामकाज कौन संभालेगा, ये बात एकदम साफ है. लेकिन, परिवार की संपत्ति का आर्थिक रूप से बंटवारा कैसे होगा, इसे लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है.
इस पूरे मामले ने अप्रैल 2025 में तब तूल पकड़ा, जब टीवीएस होल्डिंग्स ने एक अहम जानकारी साझा की. कंपनी ने बताया कि सुदर्शन वेणु को एक ट्रस्ट के जरिए ‘सिग्निफिकेंट बेनिफिशियल ओनर’ (SBO) के रूप में पहचाना गया है. SBO वो इंसान होता है जिसका कंपनी पर असली कंट्रोल या मालिकाना हक होता है. भले ही ये जानकारी सामने आ गई हो, लेकिन सिर्फ इससे परिवार की संपत्ति बंटवारे का मामला नहीं सुलझता है. इसी खुलासे के बाद संपत्ति को लेकर पारिवारिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे.
मां मल्लिका श्रीनिवासन की भूमिका
इस पारिवारिक विवाद को सुलझाने में मल्लिका श्रीनिवासन बड़ी भूमिका निभा रही हैं. वो टैफे (TAFE) की चेयरपर्सन एमरिटा हैं. साथ ही वो लक्ष्मी वेणु के साथ सुदर्शन वेणु की मां भी हैं. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मल्लिका चाहती हैं कि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठें. वो चाहती हैं कि बातचीत के जरिए संपत्ति का ऐसा बंटवारा हो जो सबको मंजूर हो. उनका मानना है कि विवाद को बढ़ने देने के बजाय शांति से एक सही नतीजे पर पहुंचना चाहिए. हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है.
पुराने समझौते से क्यों नहीं बनी बात
मार्च 2024 में परिवार के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था. लेकिन इस समझौते में आर्थिक बंटवारे का कोई जिक्र नहीं था. ये समझौता मुख्य रूप से इस बात पर था कि टीवीएस ब्रांड का इस्तेमाल कैसे होगा. साथ ही ये भी तय हुआ था कि परिवार का कोई सदस्य एक-दूसरे के बिजनेस के खिलाफ काम नहीं करेगा. यही वजह है कि 2024 का एग्रीमेंट होने के बावजूद संपत्ति बंटवारे का पेच आज भी फंसा हुआ है.
इसके अलावा 2020 में हुए टीवीएस ग्रुप के बड़े बंटवारे की भी खूब चर्चा हो रही है. 115 साल पुराने इस ग्रुप को तब संस्थापक टी वी सुंदरम अयंगर के परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच बांटा गया था. उस समय संपत्तियों की कीमत तय करके सबको उनका हिस्सा दिया गया था. माना जा रहा है कि लक्ष्मी वेणु मौजूदा विवाद को सुलझाने के लिए उसी 2020 वाले तरीके को अपनाने के पक्ष में हैं. लेकिन वो बंटवारा अलग-अलग शाखाओं के बीच था, जबकि ये विवाद एक ही परिवार (वेणु श्रीनिवासन) के भीतर का है. इसलिए वो पुराना फॉर्मूला यहां सीधे तौर पर लागू करना आसान नहीं है.
कंपनियों पर किसका है कितना कंट्रोल
वेणु श्रीनिवासन परिवार टीवीएस इकोसिस्टम की कई कंपनियों से जुड़ा है. टीवीएस मोटर कंपनी की कमान सुदर्शन वेणु के पास है. वहीं सुंदरम-क्लेटन को लक्ष्मी वेणु संभाल रही हैं. टीवीएस होल्डिंग्स वो कंपनी है जिसके जरिए परिवार बाकी बिजनेस में अपनी हिस्सेदारी रखता है.
अगर टीवीएस होल्डिंग्स के आंकड़ों को देखें, तो प्रमोटर ग्रुप के पास 74.45% हिस्सेदारी है. इसमें से 66.55% हिस्सा अकेले वेणु श्रीनिवासन के पास वीएस ट्रस्ट के जरिए है. लेकिन सिर्फ शेयरहोल्डिंग देखकर ये नहीं तय किया जा सकता कि पूरी संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा. संपत्ति के बंटवारे में शेयर के अलावा देनदारियां, ट्रस्ट की व्यवस्थाएं जैसी कई और चीजें शामिल होती हैं. फिलहाल पूरा परिवार बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश कर रहा है.

विभव शुक्ला
विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.
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