रा, री — चित्रा नक्षत्र (प्रथम चरण)
रु, रे, रो, ता — स्वाति नक्षत्र
ती, तू, ते — विशाखा नक्षत्र
16 जून से 23 जून तक
दिनांक 16 को सरकारी विजय सूचक समय रहेगा। आप परिवार के लोगों व इष्ट मित्रों के साथ समय व्यतीत करेंगे। किसी मजबूत व्यक्ति का साथ कहां से कहां तक पहुंचा सकता है। आपके घर में कोई 17, 18, 19 को सम्मानवर्धक समय रहेगा। करीबी व प्रियजनों से आपकी मुलाकात होगी। आपको ऐसे स्त्रोत से धन मिल सकता है, जिसकी कभी आपने कल्पना भी नहीं की हो। प्रेम-प्रसंगों में भी आप पूरे फॉर्म में रहेंगे। अध्यात्म, धर्म - तंत्र-मंत्र के प्रति विशेष लगाव व झुकाव रहेगा। 20, 21 को सर्वलाभकारी दिवस रहेगा। इस समय यात्रा का दौर रहेगा। 22, 23 को समय अनुकूल नहीं है। समय घोर कष्ट व निराशा का रहेगा। काम के मध्य बाधाओं की स्थिति रहेगी। कहीं से कोई अप्रिय व अशुभ समाचार मिलेंगे। प्रेम-प्रसंग भी उजागर हो सकते हैं।
ग्रह स्थिति
मासारम्भ में चन्द्रमा धनु राशि का तृतीय भाव में, राहु कुंभ राशि का पंचम भाव में, शनि मीन राशि का षष्टम भाव में, मंगल वृषभ राशि का अष्टम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का नवम भाव में, बुध + बृहस्पति + शुक्र कर्क राशि का दशम भाव में, केतु सिंह राशि का ग्यारहवे भाव में स्थिति है।
तुला राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें
| 2026 | शुभ तारीख़ें | सावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें |
| जनवरी | 6, 7, 11, 12, 13, 16, 17 | 1, 2, 9, 10, 19, 20, 27, 28, 29 |
| फरवरी | 3, 4, 8, 9, 12, 13, 14 | 5, 6, 15, 16, 17, 24, 25 |
| मार्च | 2, 3, 7, 8, 9, 12, 13, 29, 30, 31 | 5, 6, 15, 16, 23, 24 |
| अप्रैल | 3, 4, 5, 8, 9, 25, 26, 27 | 1, 2, 11, 12, 19, 20, 21, 28, 29 |
| मई | 1, 2, 5, 6, 7, 23, 24, 28, 29 | 8, 9, 10, 17, 18, 26 |
| जून | 1, 2, 3, 19, 20, 24, 25, 26, 29, 30 | 4, 5, 6, 13, 14, 22, 23 |
| जुलाई | 16, 17, 18, 21, 22, 23, 26, 27 | 1, 2, 3, 10, 11, 12, 19, 20, 29, 30 |
| अगस्त | 13, 14, 18, 19, 22, 23, 24 | 7, 8, 16, 25, 26, 27 |
| सितम्बर | 9, 10, 14, 15, 16, 19, 20 | 3, 4, 5, 12, 13, 22, 23, 30 |
| अक्टूबर | 7, 8, 12, 13, 16, 17 | 1, 2, 9, 10, 19, 20, 28, 29 |
| नवम्बर | 3, 4, 8, 9, 12, 13, 14, 30 | 6, 16, 17, 24, 25 |
| दिसम्बर | 1, 5, 6, 7, 10, 11, 27, 28, 29 | 3, 4, 13, 14, 21, 22, 23, 30, 31 |
तुला राशि का वार्षिक भविष्यफल
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तुला राशि के लिए यह साल बहुत ही जोरदार तथा उपलब्धियों से परिपूर्ण रहने वाला साल है। इस साल आप अपनी योग्यता व काबिलियत गुदोहन करेंगे। आप .
व्यापार में अपनी क्षमताओं का का पूरा-पूरा बेहतर उपयोग करके अपने लाभ को बढ़ा देंगे। लेकिन कहीं न कहीं इस भागदौड़ व दौड़-धूप में स्वास्थ्य को पिछड़ा हुआ पाएंगे।
इस वर्ष शनि की स्थिति छठे स्थान में वर्ष पर्यंत है। अतः गुप्त शत्रु व षडयंत्र हावी होंगे, वे आपकी आलोचना या निंदा कर सकते हैं। अगर आप किसी सामाजिक गतिविधि या राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं, तो हिसाब किताब में पारदर्शिता रखें, कोई झूठा आरोप या कलंक आप पर लग सकता है। रिश्तेदारों के लिए आप हर समय तैयार रहेंगे, लेकिन रिश्तेदारों से आपको बिल्कुल भी सहयोग नहीं मिल पायेगा। चन्द्रमा आठवें स्थान में वर्षारंभ में अपनी उच्च राशि का है, जो स्वास्थ्य की महत्वाकांक्षा रखेगा। इस साल आपका स्वास्थ्य यूं तो बढ़िया ही रहेगा, दीर्घकालिक बीमारियों शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज में बराबर जांच व परीक्षण करवाते रहें। लापरवाही के परिणाम घातक रह सकते हैं। जिस काम को करने की आप पिछले काफी समय से सोच रहे थे उसके पूरा होने का समय बस अब आ गया है।
इस वर्ष कार्यक्षमता व कार्यकुशलता में वृद्धि होगी । काम काज में मशीनरी आदि बढ़ा सकते हैं। बृहस्पति नवम भाव में है। पारिवारिक व सामाजिक कार्यों में व्यस्तता रहेगी। पिछले कुछ समय से जो पैसा रुका हुआ व अटका हुआ है वो अटका रुपया प्राप्त होगा। उस दिशा में आपका प्रयास भी रहेगा। इस वर्ष पारिवारिक सुख शांति में वृद्धि होगी। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी संभव है। पिता-पुत्र में वैचारिक तालमेल बहुत ही बढ़िया रहेगा। भाईयों से सम्पत्ति संबंधी विवादों का निपटारा होगा। कोर्ट-केस में सावधानी रखें, जो कोर्ट-केस सम्पत्ति विभागीय जांच आदि के संबंध में सफलता का क्रम जारी रहेगा। मित्रों व सहयोगियों से आशातीत सहयोग प्राप्त होगा। आप व्यापार व कारोबार को लेकर नई योजनाएं व प्लानिंग बनाएंगे। विद्यार्थी पुरजोर परिश्रम करेंगे। नौकरीशुदा जातक नौकरी व काम-काज में नई संभावनाओं को तलाशेंगे। जॉब के बेहतर ऑफर्स व अवसर प्राप्त होंगे। माता-पिता व घर के वरिष्ठ सदस्यों का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा।
इस साल नया वाहन खरीद सकते हैं। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य गुरु उच्च राशि का होकर अतिचारी रहेगा। अतः इस दरम्यान किसी नया वाहन आदि खरीदने का विचार कर सकते हैं। पैसे की आई चलाई रहेगी, जितनी तीव्रता व तेजी से पैसा आयेगा, उतनी ही तेजी व तीव्रता से खर्च भी होगा।
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:-
इस साल आप उत्तम स्वास्थ्य का उपभोग करेंगे, तेज व मसालेदार खाने व बाहर तेल, घी से सराबोर खाने से परहेज करें। यात्रा व प्रवास में भी खाने का विशेष ध्यान रखें। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य वाहन सावधानीपूर्वक चलावें, वाहन द्वारा क्षति संभव है। सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें। घर के वरिष्ठ सदस्य, माता-पिता का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। शनि छठे स्थान में रोग व शत्रु को परास्त करेगा। तनाव, माइग्रेन व रीढ़ की हड्डियों में 27 जुलाई से 11 दिसम्बर तक वक्री शनि के कारण समस्या पेश आ सकती है।
व्यापार, व्यवसाय व धन:-
इस साल आप किसी नवीन सम्पत्ति, भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद कर सकते हैं। बिना पढ़े किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं करें, तथा सम्पत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व पेपर्स को विशेषज्ञ से चैक जरूर करवा लें। इस साल व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व प्रतिस्पर्धी आपके सामने बड़ा लक्ष्य रख देंगे। आप अपनी कार्यकुशलता व कार्यक्षमता से, परिश्रम से हर मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे। आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा जोर मारेगी। हर क्षेत्र में आप अपनी योग्यता व काबिलियत का लोहा मनवा लेंगे। व्यापार में विस्तार की जो योजना काफी समय से अवरुद्ध थी वह अब वापस ठण्डे बस्ते से बाहर निकलेगी। आप तुला राशि के जातक हैं, तथा तुला राशि के लोगों में संतुलन करने की बेहतर क्षमताएं विद्यमान हैं। व्यापार में आप मांगपूर्ति, लाभ हानि के बीच में बेहतर संतुलन बनाकर चलेंगे। पैतृक सम्पत्ति से जुड़े हुए कुछ विषयों में आपको कोर्ट केस का मुंह देखना पड़ सकता है। दबंग, साहसी, उदारवादी व्यापारी के रूप में आपकी छवि रहेगी। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य कुछ व्यापारिक निर्णय भावुकता से प्रेरित हो सकते हैं। अतः इस समय कारोबार में फूंक-फूंक कर कदम रखें। व्यापार में विस्तार, कच्चे माल हेतु ऋण लेना पड़ सकता है। तुला राशि के जातक इस साल खूब मेहनत करेंगे, व खूब रुपया कमाएंगे। फिजूल खर्ची पर नियंत्रण रखें। आप के अतिरिक्त स्त्रोत बनेंगे। नये-नये साधनों, अवसरों को बढ़ाने के लिए उस पर काम शुरू होगा।
घर, परिवार संतान व रिश्तेदार:-
इस साल आप यह महसूस करेंगे कि आपका असली धन आपका परिवार है, इस समय आप भावुक तो रहेंगे, परंतु भावुक होने के साथ-साथ बेहतर व्यापारी के गुण आपमें विद्यमान हैं, अतः आप काम-काज व परिवार दोनों में ही बेहतर सामंजस्य व तालमेल बिठाकर रखेंगे। ननद, भौजाई, सास - बहु, देवरानी-जेठानी के बीच में अप्रैल से सितम्बर के मध्य कुछ कहासुनी या बोलचाल हो सकती है। इस साल संतान की शिक्षा को लेकर विद्याध्यन को लेकर भी आप चिंतित रहेंगे, परंतु संतान पर शिक्षा, करियर व अध्ययन का ज्यादा दबाव नहीं बनावें। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य अतिचारी बृहस्पति के कारण कुछ न कुछ कारण से आप परिवार को लेकर चिंतित हो उठेंगे। जहां तक रिश्तेदारों का प्रश्न है रिश्तेदारों से कोई खास मदद व सहयोग की अपेक्षा नहीं है। घर के बड़े बुजुर्गों व माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त होगा, आप प्रेरित होकर आगे बढ़ेंगे।
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर:-
तुला राशि के लोगों को इस साल करियर में सफलता मिल जायेगी। विद्याध्यन में आप जोर लगाएंगे, लेकिन साथ ही साथ ध्यान भी भटकेगा। एकाग्रचित्तता में कमी आएगी। सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप्प से दूरी बनाकर रखें। विद्याध्यन, पढ़ाई में और ज्यादा मेहनत एवं कोकसड़ होने की आवश्यकता है। करियर को लेकर 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य दिमाग में कई प्रकार के विचार जन्म लेंगे। वही इस समय उच्च के गुरु के कारण करियर को उठाने में किसी अनजान व अपरिचित आदमी का सहयोग रहेगा। प्रेम-प्रसंगों से समुचित दूरी बनाकर रखें, नौकरी में बेहतर काम-काज का अवसर प्राप्त होगा। तकनीकी शिक्षा, कानूनी व मैनेजमेण्ट आदि के लिए प्रयासरत विद्यार्थियों के लिए यह समय लाभप्रद रहेगा।
प्रेम-प्रसंग व मित्र:-
इस साल ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है, जिसे आप गुप्त रखना चाहते थे। प्रेम-प्रसंगों के मामले में आप आगे रहेंगे, वहीं प्रेम सम्बन्ध पारिवारिक तनाव का कारण बन सकते हैं। पंचम में राहु है, अतः बदनामी व अपयश मिलने की संभावना है। जहां तक मित्रों की बात है। आपके मित्रों की संख्या खूब रहेगी, परंतु सच्चे और अच्छे मित्रों की संख्या कम रहेगी। लोग आपसे ईर्ष्या व द्वेष भी रखेंगे। कुल मिलाकर मित्रों का मुखौटा पहने हुए कई शत्रुओं से भी मुलाकात होगी। अमर्यादित, विवाहेत्तर व अनैतिक प्रेम सम्बन्धों से बचें.
वाहन, खर्च व शुभकार्य:-
इस वर्ष वाहन द्वारा क्षति संभव है। शनि छठे स्थान में है।
राहु पांचवे स्थान में होने से इस वर्ष आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपया वाली स्थितियां रहेंगी। बच्चों के हाथ में वाहन नहीं दें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल व शराब के प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करें। इस वर्ष कई नए-नए व बड़े खर्चे आएंगे। संतान की शिक्षा पर, करियर पर बड़ी राशि खर्च होगी। घर में किसी बड़ी या आवश्यक वस्तु की खरीद की संभावना है। कहीं न कहीं आपको इस साल फिजुलखर्ची से बचने की आवश्यकता है।
हानि, कर्ज व अनहोनी:-
इस साल किसी हानि या नुकसान की संभावना नहीं है। लेकिन विश्वास में विश्वासघात जरूर हो सकता है। लोग आपकी भावनाओं का गलत फायदा उठा सकते हैं। व्यापार में विस्तार की योजना मशीनरी आदि के लिए लोन लेना पड़ सकता है। वाहन, भूमि, भवन आदि के लिए भी लोन लेना पड़ सकता है, वहीं जिन व्यक्तियों ने आपसे लोन लिया है। वे आपको अभी कुछ नहीं देंगे, उनसे वसूल करते समय आपको नाको चने चबाने पड़ सकते हैं। इस साल अनहोनी की आशंका या संभावना नहीं है। लेकिन हां वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आप किसी अनहोनी को निमंत्रित कर देंगे।
यात्राएं :-
इस वर्ष लम्बी दरी की यात्राओं का योग रहेगा। यात्राओं में कष्ट के योग भी हैं। रिजर्वेशन की समस्या, खान-पान, यात्रा प्रवास में कष्ट के योग हैं। अतः सही ढंग से तैयारी करके यात्रा करें।
उपाय:-
वर्ष की शुभता में वृद्धि के लिए तुला राशि के लोगों को शुक्रवार को देवी मंदिर के दर्शन करने चाहिए। 7 सफेद रंग के पुष्प देवी के चरणों में चढ़ावें । शुक्रवार को नहाने के पानी में कच्चा दूध डालकर नहावें, ओपेल रत्न 'शुक्रयंत्र' में जड़वाकर गले में धारण करें।
तुला राशि की चारित्रिक विशेषताएं
तुला राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र तड़क-भड़क व सौंदर्य का कारक ग्रह तुला राशि के व्यक्ति नकारात्मकता व सकारात्मकता में संतुलन करते हैं।
इस राशि का राशि चिन्ह 'तुला' (तराजू) है। तराजू दो वस्तुओं के संतुलन का परीक्षण करते हुए हल्की व भारी वस्तु का बोध कराती है। अतः इस राशि वाले व्यक्ति की संतुलन शक्ति बड़ी गजब की होती है। अपनी फुर्तीली निर्णयात्मक शक्ति के कारण तुला राशि के लोग शीघ्र ही लोगों पर छा जाते हैं। ‘तराजू’ व्यापार का परिचायक है, इस राशि के लोग बड़े कुशल व्यापारी होते हैं तथा लोक व्यवहार में चतुर होने के कारण इनको व्यापारिक सफलता शीघ्र मिल जाती है।
तुला राशि, पुरुष जाति सूचक व क्रूर स्वभाव राशि मानी जाती है। सच्चा व खरा परीक्षण करने की क्षमता आप रखते हैं और सहज ही किसी व्यक्ति के छलावे में नहीं आते। आप राजनीति के क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जन्म कुंडली में यदि शुक्र की स्थिति अच्छी है, तो आप कुशल अभिनेता भी बन सकते हैं।
सामान्यतया तुला राशि में उत्पन्न जातक सुन्दर, स्वस्थ एवं सुदर्शन व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। उनकी प्रवृत्ति हास्य प्रिय होती है तथा बच्चों के प्रति इनके मन में प्रबल स्नेह का भाव विद्यमान रहता है। सुन्दर दृश्यों एवं वस्तुओं के प्रति भी इनमें आकर्षण रहता है। स्वाभाविक रूप से ये अन्य जनों को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देते हैं तथा सबके साथ समानता का व्यवहार करते हैं, जिससे समाज में ये सम्मानित, प्रतिष्ठित तथा प्रसिद्ध होते हैं। कला के प्रति इनका भावनात्मक लगाव रहता है तथा अच्छे कार्यों से ये अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। नीति ज्ञान में ये चतुर होते हैं। अतः राजनीति के क्षेत्र में इनको नेतृत्व प्राप्त हो जाता है, परन्तु इनका कोई निश्चित सिद्धांत नहीं होता है।
तुला के प्रभाव से आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा, जो लोगों को प्रभावित करने में समर्थ होगा। आपकी प्रवृत्ति हास्यप्रिय होगी। बच्चों के प्रति
आपके मन में स्नेह का भाव रहेगा तथा प्राकृतिक दृश्यों के प्रति आपके मन आकर्षण रहेगा। साथ ही कला से आपका भावनात्मक संबंध रहेगा।
आप सभी लोगों से समानता का व्यवहार करेंगे तथा आपके मन में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रहेगा। अपने कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव रहेगा तथा आपके अधिकारी एवं सहयोगी आपसे प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। आप किसी नवीन सिद्धांत या ग्रंथ की भी रचना कर सकते हैं, जिससे आपको यश की प्राप्ति होगी। आप अत्यंत बुद्धिमान होंगे तथा अपनी बुद्धिमत्ता से अपने सांसारिक कार्यों को सम्पन्न करेंगे। इनमें आपको इच्छित सफलताएं भी मिलती रहेंगी। आपकी प्रवृत्ति विलासी होगी तथा भौतिकता के प्रति अत्यधिक आकर्षण रहेगा।
भ्रमणप्रिय होने के कारण समय-समय पर यात्रा भी करते रहेंगे। कला एवं संगीत में आप निपुण होंगे तथा कार्य करने में अत्यंत ही दक्ष होंगे।
शुक्र ऐश्वर्यशाली व विलासपूर्ण ग्रह है। गौर वर्ण, मध्यम कद तथा सुन्दर आकर्षक चेहरा इस राशि वाले जातक के प्रारम्भिक लक्षण हैं। यह राशि चर संज्ञक, वायु तत्व प्रधान व पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। प्राकृतिक स्वभाव वृषभ तुल्य होते हुए भी इस राशि वाले विचारशील, ज्ञान प्रिय, कुशल कार्य सम्पादक व राजनीतिज्ञ होते हैं।
आपमें सहनशीलता का भाव विद्यमान होगा और धैर्यपूर्वक कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता की प्रतीक्षा करने में समर्थ होंगे। साथ ही सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से आपको समय-समय पर धनार्जन होता रहेगा। आपमें शारीरिक बल की भी प्रचुरता रहेगी। फलतः परिश्रम एवं पराक्रम का प्रदर्शन करके आप जीवन में मनोवांछित सफलताओं को अर्जित करेंगे। जिससे समाज में आपका प्रभाव रहेगा तथा सभी लोग आपका आदर करेंगे। साथ ही यश भी दूर-दूर तक व्याप्त रहेगा। धर्म के प्रति आपके मन में पूर्ण श्रद्धा रहेगी तथा अवसरानुकूल आप धार्मिक कृत्यों को नियमपूर्वक सम्पन्न करेंगे, जिससे आपको वांछित लाभ एवं सहयोग मिलता रहेगा। विवाहोपरांत इनके जीवन में कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन देखे जा सकते हैं। समुद्री-यात्रा आपके लिए कोई विशेष लाभप्रद नहीं है।
यदि आपका जन्म तुला राशि में 'चित्र नक्षत्र' 3 व 4 चरण (रा,री) में है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-व्याघ्र, गण-राक्षस, वर्ण-शूद्र, हंसक-वायु, नाड़ी अन्त्य, पाया-चांदी, प्रथम तीन चरण का वर्ग-हिरण तथा अंतिम चरण का वर्ग-सर्प है। स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग अति उत्साही, बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं।
यदि आपका जन्म तुला राशि में 'विशाखा नक्षत्र' के तीन चरणों (ती, तू, ते) में हैं, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-व्याघ्र, गण-राक्षस, वर्ण-शूद्र, हंसक-वायु, नाड़ी - अन्त्य, पाया-तांबा एवं वर्ग-सर्प है। विशाखा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति विरोधियों का सफाया बहुत चतुराई से करते हैं।
शुक्र एक विलासी, शीतल व सौम्य ग्रह है। यह रात्रि को हल्की श्वेत झलकदार किरणें बिखेरता है। अतः श्वेत रंग व साफ-सुथरी, ऐश्वर्य प्रधान वस्तुओं का व्यापार आपके अनुकूल कहा जा सकता है। आपके लिए अनुकूल रत्न 'हीरा' है।
उपायः- 4» रत्ती का ओपल रत्न ' शुक्र यंत्र' में जड़वाकर धारण करें। सुगंधित द्रव्यों का प्रयोग करें। घर की महिलाओं, यथा-पत्नी, बहन, बच्ची व माता का सम्मान करें। रविवार व मंगलवार के अलावा पीपल को सींचे। गाय की सेवा करें। सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
तुला राशि की प्रमुख विशेषताएं
- राशि – तुला
- राशि चिन्ह – तराजू
- राशि स्वामी – शुक्र
- राशि तत्त्व – वायु तत्त्व
- राशि स्वरूप – चर
- राशि दिशा – पश्चिम
- राशि लिंग व गुण – पुरुष, रजोगुणी
- राशि जाति – शूद्र
- राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, त्रिधातु प्रकृति
- राशि का अंग – गुप्तांग
- अनुकूल रत्न – हीरा
- अनुकूल उपरत्न – अमेरिकन डायमंड, ओपल
- अनुकूल धातु – प्लेटिनम, चांदी
- अनुकूल रंग – सफेद
- शुभ दिवस – शुक्रवार
- अनुकूल देवता – माँ लक्ष्मी / संतोषी माता
- व्रत / उपवास – शुक्रवार
- अनुकूल अंक – 6
- अनुकूल तारीखें – 6, 15, 24
- मित्र राशियां – मिथुन, मकर, कुंभ, धनु, कर्क
- शत्रु राशियां – सिंह
- व्यक्तित्व – अन्वेषक, जिज्ञासु, मास्टर माइंड
- सकारात्मक तथ्य – आत्मविश्वासी, आकर्षक वाणी
- नकारात्मक तथ्य – ईर्ष्या, घमंड, अत्यधिक चंचलता