July 12, 2026

TRE-4 पर JDU के शिक्षा मंत्री का फैसला पलटेगी BJP: सुनील कुमार ने भेजा 45 हजार का प्रस्ताव, सम्राट सरकार 20,000 वैकेंसी निकालेगी, डेट तय नहीं

‘CM सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से आग्रह करती हूं कि TRE-4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी कीजिए। बहुत सी लड़कियां परेशान हैं। हम लोग दो-ढाई साल से TRE 4 का इंतजार कर रही हैं। बहुत सी लड़कियों की शादी नहीं हो रही है। कई को अल्टीमेटम मिला है

.

यह दर्द सिर्फ CTET और STET पास शिक्षक अभ्यर्थी अभिश्री का नहीं। बिहार के लाखों छात्र शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार डेट तय नहीं कर रही।

2025 के चुनाव के बाद बिहार में सरकार तो NDA की रही, लेकिन CM और शिक्षा मंत्री बदल गए। इसका असर शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे छात्रों पर पड़ा। फरवरी 2024 के बाद से कोई बहाली नहीं आई।

नीतीश सरकार में TRE 4 के तहत 45 हजार शिक्षकों की भर्ती की बात कही गई थी। अब सम्राट सरकार इसे घटाकर करीब 20 हजार करने जा रही है।

मंडे स्पेशल में पढ़िए, TRE 4 के तहत शिक्षकों की बहाली की क्या स्थिति है? कितने पदों पर वैकेंसी निकलने वाली है? क्यों सीटें घटने वाली हैं?

जदयू के शिक्षा मंत्री का फैसला पलटने जा रहे भाजपा के मिथिलेश तिवारी

पहले ये बयान पढ़िए…

हमने अपने विभाग के अधिकारियों को 25 जुलाई तक अधियाचना तैयार करने के लिए कहा है। हम जुलाई के अंतिम सप्ताह में अधियाचना BPSC को भेज देंगे। हमने बताया है कि कम से कम 20 हजार शिक्षकों की भर्ती करेंगे। इससे कम नहीं करेंगे।- मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री बिहार सरकार

TRE 4 की अधियाचना BPSC को भेजी गई है। 45 हजार से अधिक शिक्षक की बहाली को लेकर अब BPSC को फैसला करना है। विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति होगी।- सुनील कुमार, पूर्व शिक्षा मंत्री बिहार

अब जानिए शिक्षक भर्ती को लेकर दो मंत्रियों ने क्या किया

दरअसल, शिक्षक भर्ती TRE 4 की अधियाचना में फंस गई है। जदयू के शिक्षा मंत्री के फैसले को भाजपा के शिक्षा मंत्री पलटने जा रहे हैं। नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री रहे जदयू के सुनील कुमार ने फरवरी 2026 में बताया था कि TRE 4 के तहत शिक्षक भर्ती की अधियाचना भेजी है।

  • अब सम्राट सरकार में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि 25 जुलाई 2026 तक TRE 4 की अधियाचना भेज दी जाएगी।
  • ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या जेडीयू के शिक्षा मंत्री की ओर से भेजी गई अधियाचना खारिज कर दी गई या बीजेपी के शिक्षा मंत्री उसे लागू नहीं करना चाहते।
  • पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के समय पहली अधियाचना 5 फरवरी 2026 को भेजी थी। यह हाई स्कूल और प्लस टू स्कूलों में भर्ती से संबंधित थी।
  • इसके बाद प्राथमिक और मिडिल स्कूल में भर्ती से जुड़ी अधियाचना 9 फरवरी 2026 को भेजी गई थी।
  • फरवरी 2026 में 45,198 पदों पर बहाली की भेजी गई थी अधियाचना

TRE-4 के अब तक के सबसे कम पोस्ट वाला फेज होने की उम्मीद है। फरवरी 2026 में इस चरण के लिए 45 हजार 198 पदों की अधियाचना भेजी गई थी। सबसे अधिक 10+2 में 16,774 पदों की अधियाचना रही थी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने BPSC को जो अधियाचना भेजी है, उसके मुताबिक, बिहार के प्राइमरी स्कूल (क्लास 1-5) में 10,778 रिक्तियां थी। हाई स्कूल (9वीं-10वीं) में 9,083 पदों पर बहाली होनी थी। मिडिल स्कूल में सबसे कम सीटें खाली थी। 6-8 क्लास में मात्र 8 हजार 563 पदों रिक्त थे।

नई अधियाचना में 20 हजार पदों पर भर्ती की उम्मीद

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के नई अधियाचना भेजने संबंधी बयान के बाद रिक्त पदों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच यह आशंका बढ़ गई है कि नई अधियाचना आने पर रिक्तियों की संख्या कम हो सकती है।

शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कम से कम 20 हजार पदों पर भर्ती होगी। राज्य सरकार ने हर साल शिक्षक बहाली करने का फैसला किया है। ऐसे में पिछली अधियाचना के बाद भरे जा चुके पदों और बदलती रिक्तियों के आधार पर नई अधियाचना में सीटों की संख्या पहले की तुलना में कम हो सकती है।

हर साल बहाल होंगे 20 हजार शिक्षक, जुलाई में जारी होगा विज्ञापन

22 मई 2026 को सम्राट सरकार ने एक फैसला लिया था, जिसमें कहा गया था कि हर साल 20 हजार टीचर बहाल किए जाएंगे। इसी फैसले को लागू किए जाने की आशंका बढ़ी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बैठक के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि अब हर वर्ष शिक्षक बहाली की जाएगी।

इसके तहत अगले पांच साल में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का टारगेट रखा गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) का विज्ञापन हर साल जुलाई में जारी करने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के अनुसार, शिक्षा विभाग हर साल रिटायर होने वाले शिक्षकों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर BPSC को अधियाचना भेजेगा।

टीआरई 4 के लिए अभ्यर्थी कर रहे आंदोलन, 5 हजार पर FIR

टीआरई 4 के तहत शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते पुलिस ने अब तक 5 हजार से अधिक अज्ञात अभ्यर्थियों पर FIR दर्ज किया है। 13 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। वहीं, चार को गिरफ्तार किया गया था। टीआरई 4 शिक्षक भर्ती को लेकर अब तक ये चार बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं..

7 अगस्त 2025: पटना में अभ्यर्थियों ने STET आयोजित करने और उसके बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कई अभ्यर्थी घायल हुए थे।

18 अगस्त 2025: शिक्षक अभ्यर्थियों ने दोबारा प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे। पुलिस ने मार्च रोकते हुए 9 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच संघर्ष हुआ। पुलिस ने वाटर कैनन चलाया।

27 अगस्त 2025: आयु-सीमा में छूट की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने जदयू कार्यालय का घेराव किया था।

8 मई 2026: पटना में हजारों अभ्यर्थी TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन नहीं रुके। तनाव बढ़ने के बाद लाठीचार्ज की गई।

अब जानिए क्या कहते हैं अभ्यर्थी

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, 'पिछले दो साल से 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी TRE-4 के विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक यह जारी नहीं हुआ। हजारों अभ्यर्थी की उम्र समाप्त (योग्यता से ज्यादा) हो चुकी है। अगर जुलाई के अंत तक TRE-4 का विज्ञापन नहीं आता है तो हम लोग अगस्त में आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।’

37 साल के शिक्षक अभ्यर्थी विवेक कुमार ने कहा, 'मैं दो साल से पटना में रहकर शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा हूं। दो साल पहले STET पास किया था। पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा था कि TRE-4 का नोटिफिकेशन अगस्त 2024 में आ जाएगा। अभी तक कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है।

शिक्षक अभ्यर्थी साहबाज आलम ने कहा, 'पिछले दो साल से TRE-4 के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ छलावा हो रहा है। जब डोमिसाइल लागू नहीं था तब लाखों बहाली आई। पड़ोसी राज्यों के बहुत से लोगों की जॉब लगी। डोमिसाइल लागू हुआ तो बिहार के लाखों अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि बिहार में रहकर यहां के बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे।’

रवि कुमार ने कहा, 'सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि अब जुलाई से अगस्त नहीं कीजिए। क्योंकि, अब हमारी मानसिक स्थिति खराब हो गई है। माता-पिता के सामने जाने में भी शर्म आती है कि पटना में रहकर तैयारी करने का पैसा कहां से लाएंगे। घर की स्थिति ऐसी है कि पटना में रहकर तैयारी नहीं कर सकते। घर में बैठ भी नहीं सकते। अब कहीं कमाने जाना पड़ेगा।’

अनुज कुमार ने कहा, 'शिक्षा मंत्री से आग्रह है कि जुलाई में वैकेंसी देने का जो वादा किया है उसे जरूर पूरा करें ताकि मेरे जैसे छात्र शामिल हो सके। मेरी उम्र निकलती जा रही है। उम्र में भी छूट दें।’