Aug 16, 2026 10:44 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सभी लोकतंत्र के समर्थकों को मोइत्रा के सपोर्ट में आना चाहिए। किसी महिला सांसद पर भीड़ हमला करने को उतारू है, तो यह सरकार का फर्ज है कि उसे सुरक्षा दी जाए।

Shashi Tharoor
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा का समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी लोकतंत्र समर्थकों को महुआ मोइत्रा के साथ एकता दिखानी चाहिए। एक भीड़ उनपर हमला करने के लिए उतारू हो रही है, ऐसे में सरकार का फर्ज है कि उन्हें सुरक्षा दे। दरअसल, यह पूरा मामला तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के उस वीडियो के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सर्किट हाउस से उन्हें देर रात बाहर निकलने के लिए कहा गया है। वह भी ऐसे वक्त में जब बाहर लोग उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल से सांसद महुआ मोइत्रा ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को आधी रात अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, "प्रिय IPU पार्लियामेंट, मैं भारत में एक महिला सांसद हूँ। सरकार ने मुझसे पहले रात 9:47 बजे और फिर रात 10:52 बजे सरकारी गेस्ट हाउस में अपना कमरा खाली करने को कहा। जबकि गेट के बाहर BJP समर्थकों की भीड़ मुझ पर हमला करने को उतारू है।" TMC सांसद ने कहा, "भारत में लोकतंत्र का यही हाल है।"
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने किया समर्थन
इसके बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महुआ मोइत्रा का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट करके लिखा कि सभी को महुआ मोइत्रा का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने लिखा, "भीड़ उन पर हमला करने को उतारू हो", तो उन्हें सरकारी आवास खाली करने के लिए कहने के बजाय TMC सांसद को सुरक्षा दी जानी चाहिए।
केरल सांसद ने कहा, "लोकतंत्र में ऐसी बुनियादी बातों को बताने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए, खासकर उस दिन जब हम अपनी आजादी की लड़ाई की सफलता का जश्न मना रहे हों।"
मोइत्रा ने लोकसभा स्पीकर को लिखा खत
इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नादिया जिला प्रशासन ने उन्हें सर्किट हाउस से जबरदस्ती निकालने की कोशिश की है।
महिला सांसदों की गरिमा की रक्षा करने का आग्रह करते हुए मोइत्रा ने लिखा, "मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि आप इस मामले को तुरंत देखें और एक मिसाल कायम करने तथा देश भर की महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएँ।"
महुआ मोइत्रा ने बताई पूरी कहानी- महुआ का आरोप है कि वह संसद सत्र के बाद रात बिताने के लिए कृष्णानगर के सर्किट हाउस में रुकी हुई थीं। उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के नाते उन्हें वहां रहने का अधिकार है, लेकिन ज़िला प्रशासन उन्हें परेशान करने के इरादे से आधी रात को वहां से निकलने के लिए मजबूर कर रहा था। "मैं शाम करीब 6.15 बजे सर्किट हाउस के कमरे में गई। स्टाफ ने मुझे मेरा रेगुलर कमरा दिखाया, जो तैयार था। शाम 7 बजे मेरे कमरे में चाय और रात 9.20 बजे डिनर परोसा गया। रात 9.47 बजे मुझे नादिया के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का फोन आया, जिन्होंने मुझे बताया कि मुझे जगह खाली करनी होगी। जब मैंने उनसे वजह पूछी, तो उन्होंने कहा कि 'ऊपर से आदेश आया है' और वह सिर्फ संदेश पहुंचा रहे थे।"
उन्होंने लिखा कि यह सब ऐसी स्थिति में हो रहा था, जब घर के बाहर भाजपा समर्थक लोग नारे लगा रहे थे। बता दें, बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद टीएमसी के नेताओं के साथ समर्थक लगातार बदसलूकी करते हुए नजर आते हैं। इस मामले को लेकर महुआ मोइत्रा हाई कोर्ट भी पहुंची थीं।
