दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा अपना आपा खो बैठे। वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से परेशान तिलक ने युवा बल्लेबाज को स्लेज करने की कोशिश की।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिलक वर्मा का पारा चढ़ा। (photo credit: X)
- Published: 06 Sep 2026, 03:04 PM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 03:53 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले ही दिन मैदान पर रोमांच के साथ गर्मागर्मी भी देखने को मिली। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ईस्ट जोन के ओपनर्स वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की शानदार बल्लेबाजी से इस कदर परेशान हुए कि उन्होंने 10वें ओवर के आसपास वैभव को स्लेज करना शुरू कर दिया। हालांकि तिलक की यह कोशिश युवा बल्लेबाज पर ज्यादा असर नहीं डाल सकी।
ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत से ही वैभव और ईश्वरन ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाज के खिलाफ भी दोनों बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए। कुछ ओवर पहले ही वैभव ने सिराज की गेंदों पर जोरदार शॉट लगाए थे। इसके बाद तिलक ने खुद वैभव के पास जाकर उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की।
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 6, 2026
तिलक ने वैभव के सामने जाकर कहा- 'क्या रे ये वाइस-कैप्टन' इसके बाद वह वहां से चले गए। तिलक की इस छोटी सी स्लेजिंग का वैभव की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी लय बरकरार रखी और ईस्ट जोन को शानदार शुरुआत दिलाई।
🔴POOR BEHAVIOUR BY TILAK VERMA AGAINST VAIBHAV SURYAVANSHI🤦
Tilak Varma has not done well as a captain in the first two hours of game in Duleep Trophy final.
- Vaibhav & Abhimanyu Easwaran exposed his captaincy.
- frustrated & lost Tilak Varma trying to break partnership by… pic.twitter.com/u8vDgfrFHA
— Sam (@cricsam02) September 6, 2026
ईश्वरन ने महज 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वह 14वें ओवर में इस मुकाम तक पहुंचे। दूसरी ओर वैभव भी तेजी से अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 16वें ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
हालांकि, तब तक दोनों बल्लेबाज मैच का रुख तय कर चुके थे। वैभव और ईश्वरन ने शुरुआती 15 ओवर में ही 100 रन जोड़ दिए। खास बात यह थी कि जिस पिच पर पहले घंटे में बल्लेबाजों से संभलकर खेलने की उम्मीद थी, वहां दोनों ने आक्रामक अंदाज दिखाया।
इससे पहले ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। उन्हें उम्मीद थी कि शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिलेगी। मोहम्मद सिराज के पहले ओवर में सीम और बाउंस के संकेत भी मिले, लेकिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे साउथ के गेंदबाजी आक्रमण की धार कुंद कर दी।
वैभव ने ऑफ साइड पर जमकर रन बटोरे, जबकि ईश्वरन ने लेग साइड को निशाना बनाया। दोनों की बल्लेबाजी से परेशान तिलक को 8वें ओवर से ही पांच बाउंड्री राइडर्स लगाने पड़े। रेड-बॉल क्रिकेट में इस तरह का फील्ड सेटअप कम ही देखने को मिलता है।
हालांकि, साउथ जोन ने पहले सत्र में दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। वैभव शॉर्ट गेंद पर आउट हुए, जबकि ईश्वरन रन आउट हो गए। पिच पर बल्लेबाज एस मोहन के साथ हुई गलतफहमी के कारण ईश्वरन को विकेट गंवाना पड़ा। पहले सत्र के अंत तक ईस्ट जोन का स्कोर 133 रन पर दो विकेट था।