किशन गुप्ता हत्याकांड की जांच को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस अधीक्षक ने जांच अधिकारी बदल दिया है। अब मामले की जांच पदमनगर थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा की जगह मोघट रोड थाना प्रभारी विकास खिंची करेंगे। वहीं, प
.
यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब किशन की मौत के बाद गुप्ता परिवार लगातार कार्रवाई पर सवाल उठा रहा था। परिवार का आरोप था कि किशन के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शनिवार को गुप्ता परिवार ने प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। दूसरी ओर यादव परिवार की महिलाओं ने भी एसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी थी।
CCTV फुटेज के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने
मामले में सामने आए CCTV फुटेज के बाद दोनों पक्षों के दावे और आरोप और सामने आए हैं। फुटेज में बड़ी संख्या में लोग नजर आ रहे हैं। गुप्ता परिवार का आरोप है कि CCTV में दिखाई दे रहे लोग यादव परिवार से जुड़े हैं और उन्होंने किशन के साथ मारपीट की।
वहीं यादव परिवार का दावा है कि हथियारों के साथ मारपीट करने वाले गुप्ता परिवार के लोग हैं। यादव परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुप्ता परिवार के आरोपों को निराधार बताया था। उनका कहना था कि वे घटना वाले दिन विवाद शांत कराने और समझाइश देने के लिए पहुंचे थे।
अब पुलिस को CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी हैं। खास तौर पर फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच अहम होगी।
हत्या का केस दर्ज होने के बाद बढ़े आरोप-प्रत्यारोप
किशन गुप्ता की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद गुप्ता परिवार लगातार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि किशन के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके जवाब में यादव परिवार ने भी एसपी कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखा और पूरे विवाद के लिए गुप्ता परिवार को जिम्मेदार बताया। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच पुलिस के सामने घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।
अब नए अधिकारी करेंगे जांच
लगातार आरोप-प्रत्यारोप और जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एसपी ने पदमनगर थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा को जांच से हटा दिया है। अब मोघट रोड थाना प्रभारी विकास खिंची मामले की जांच करेंगे। इसकी निगरानी CSP अभिनव बारंगे करेंगे।
नए जांच अधिकारी के सामने CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, उनकी भूमिका, घटनास्थल पर मौजूदगी और किशन के साथ हुई मारपीट में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करना अहम होगा। पुलिस इन्हीं बिंदुओं पर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।