छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर जिला मुख्यालय अंबिकापुर में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कला केंद्र मैदान में धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने “टेट मुक्ति महारैली” निकाली और कलेक्टर एवं डीईओ को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन में सेवा सुरक्षा तथा पदोन्नति में TET की बाध्यता समाप्त करने सहित अन्य मांगें रखी गई हैं। मंगलवार को सरगुजा जिले के हजारों शिक्षक अवकाश पर रहे और प्रदर्शन में शामिल हुए। पदोन्नति सूची में गैर टीईटी शिक्षकों को शामिल नहीं करने पर संघ ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

कलाकेंद्र मैदान से निकली रैली
सालों की सेवा के बाद अनिवार्यता का विरोध
शिक्षकों की रैली कला केंद्र मैदान से प्रारंभ होकर कलेक्टर कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट से होते हुए डीईओ कार्यालय तक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में टीईटी अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों तक सेवा देने के बाद नई प्रक्रिया के तहत टीईटी की अनिवार्यता से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

शहर के मुख्यमार्गों से शिक्षकों ने निकाली रैली
रैली के पश्चात् मोर्चा के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगो पर विचार किए बिना पदोन्नति सूची जारी की जाएगी तो मोर्चा द्वारा उग्र आंदोलन कर सम्भागीय संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
कमलेश सिंह ने बताया कि पूर्व में इन मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजकों ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर टीईटी प्रभावित शिक्षकों सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई है।

डीईओ कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
संगठन ने पांच सूत्रीय मागें रखी
मोर्चा द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.ED. ब्रिज कोर्स, 13 फरवरी 2026 को जारी नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की विसंगतियों को दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना करने तथा शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान प्रदान कर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय सह संचालक मुकेश मूदलियार ने कहा कि शिक्षकों के हित में विभाग के साथ संवाद और संघर्ष, दोनों स्तरों पर रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक कमलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं स्नेहलता पाठक ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिले के टीईओ प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।
आंदोलन के लिए जिले के सभी विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं अंबिकापुर पहुंचे थे।