August 4, 2026

'क्या गड्ढा दिखाई नहीं दिया?'... सड़क के गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, शिकायत पर पुलिस ने पूछा ये सवाल

'क्या गड्ढा दिखाई नहीं दिया?'... सड़क के गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, शिकायत पर पुलिस ने पूछा ये सवाल

पानी भरे गड्ढे में गिरकर TDRF जवान विकास गोरे की मौत.

Thane News: मुंबई-नासिक हाईवे पर सड़क के गड्ढे की वजह से एक दर्दनाक हादसा हो गया. ठाणे अग्निशमन विभाग में तैनात TDRF (ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) के जवान विकास गोरे की सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बाइक उछलने के बाद मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर हाईवे की खराब हालत और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

परिजनों का आरोप- पुलिस ने नहीं दर्ज की शिकायत

मृतक के परिवार का आरोप है कि जब वे शाहपुर पुलिस थाने में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो उनकी शिकायत लेने के बजाय उनसे सवाल किए गए. परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उनसे पूछा, “क्या आपके बेटे को सड़क का गड्ढा दिखाई नहीं दिया?” परिवार का आरोप है कि वे दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस हादसे का जिम्मेदार उनके बेटे को ही ठहराने की कोशिश कर रही थी.

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बारिश के कारण नहीं दिखा गड्ढा

मृतक के चाचा ने बताया कि हादसे वाले दिन तेज बारिश हो रही थी और सड़क पर पानी भरा हुआ था. ऐसे में यह समझ पाना मुश्किल था कि सड़क पर सिर्फ पानी है या उसके नीचे गहरा गड्ढा. उनका कहना है कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने शुरुआत में शिकायत लेने से इनकार कर दिया और कहा कि हादसा युवक की गलती से हुआ है.

बाद में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत देने की कोशिश की गई, लेकिन तब भी मामला दर्ज नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि यदि सड़क की समय पर मरम्मत होती और गड्ढे भरे गए होते तो यह हादसा नहीं होता. इसलिए इस मामले में संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

आपदा राहत अभियानों में सक्रिय रहे थे विकास गोरे

परिजनों ने बताया कि विकास गोरे सिर्फ एक सरकारी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि कई आपदा राहत अभियानों में लोगों की जान बचाने का काम कर चुके थे. भिवंडी में इमारत गिरने की घटना के दौरान भी वह राहत और बचाव अभियान का हिस्सा रहे थे. ऐसे जांबाज जवान की सड़क के गड्ढे के कारण मौत होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.

पुलिस ने जांच का दिया भरोसा

वहीं शाहपुर के पुलिस उपाधीक्षक विशाल नागरगोजे ने बताया कि मृतक के भाई की शिकायत पर एडीआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. यदि जांच में यह साबित होता है कि हादसा सड़क के गड्ढे की वजह से हुआ है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

विशाल नागरगोजे ने बताया कि इस मामले में एमएसआरडीसी और राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियरों के साथ बैठक की गई है. सभी गड्ढों को जल्द भरने के निर्देश दिए गए हैं. घटनास्थल के फोटो, वीडियो और अन्य सबूत भी सुरक्षित कर लिए गए हैं. यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी पुलिसकर्मी ने परिजनों के साथ अनुचित व्यवहार किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

राजनीतिक बयान भी आया सामने

इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि भिवंडी इमारत हादसे में लोगों की जान बचाने वाले TDRF जवान की सड़क के गड्ढे के कारण मौत होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि न्याय की मांग लेकर पुलिस थाने पहुंचे परिजनों से “क्या गड्ढा दिखाई नहीं दिया?” जैसा सवाल पूछना बेहद असंवेदनशील रवैया है.

(इनपुट- शरीफ अंसारी/ठाणे)

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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