September 5, 2026

TDPL की परीक्षाएं रद्द तो PGT क्यों नहीं?, 6 अभ्यर्थियों का दल सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना

Ranchi News: झारखंड में PGT 2023 भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने जा रहा है. मामले की CBI जांच की मांग को लेकर 6 अभ्यर्थियों का दल दिल्ली के लिए रवाना हो रहा है. JPSC-JSSC में कथित अनिमियताओं के मामले में 11 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है. अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में JPSC और JSSC की कथित अनियमितताओं से जुड़ी जनहित याचिका में इंटरवेनर के तौर पर अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं.

अभ्यर्थियों का आरोप है कि PGT 2023 की भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई. 3120 पदों पर नियुक्ति के लिए पूरे राज्य में 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. अभ्यर्थियों का दावा है कि इन 24 केंद्रों में से केवल पांच केंद्रों से ही आधे से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ. लगभग सभी विषयों के टॉपर भी इन्हीं पांच केंद्रों से आने का दावा किया जा रहा है.

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अभ्यर्थियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर सीटों की सेटिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़ा है. उनका आरोप है कि एक संगठित सिंडिकेट के जरिए परीक्षा केंद्रों को मैनेज किया गया. परीक्षा के दौरान विशेष ड्रेस कोड और अलग लाइन जैसी व्यवस्थाओं का भी आरोप लगाया गया है.

अभ्यर्थियों ने सबसे बड़ा सवाल TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को लेकर उठाया है. उनका कहना है कि TDPL के जरिए ली गई 45 अन्य परीक्षाओं को रद्द कर जांच के आदेश दिए गए, लेकिन PGT 2023 परीक्षा को रद्द नहीं किया गया. अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब संबंधित मामले में अनियमितताओं की जांच की जा रही है, तो PGT 2023 को इससे अलग क्यों रखा गया.

अभ्यर्थियों का दावा है कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी मांगों को लेकर 45 दिनों तक तत्कालीन राजभवन और 26 दिनों तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास धरना दिया था. मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग के समक्ष भी शिकायत रखी गई, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला.

PGT भर्ती मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में 21 मामले दर्ज होने का दावा अभ्यर्थियों ने किया है. उनका कहना है कि वर्ष 2024 से लगातार सुनवाई की तारीखें मिल रही हैं, लेकिन मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई. इसी वजह से अब अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहे हैं.

11 सितंबर को होने वाली सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करेगा. उनकी प्रमुख मांग PGT 2023 भर्ती की CBI जांच कराने की है.

गौरतलब है कि आज शिक्षक दिवस है. इस मौके पर अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक भर्ती में यदि अनियमितता हुई है और अयोग्य अभ्यर्थी सरकारी शिक्षक बनते हैं, तो इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा. अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

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