September 17, 2026

Tata Sons Meeting: टाटा कंपनी के सबसे बड़े बॉस की कुर्सी रहेगी या होगी विदाई? आज होने वाला है फैसला

Tata Sons Meeting: टाटा ग्रुप के लिए आज का दिन बेहद खास है. आज टाटा कंपनी को चलाने वाले सबसे बड़े बोर्ड की एक अहम मीटिंग होने जा रही है. इस मीटिंग में दो बहुत बड़े फैसले लिए जाने हैं. सबसे बड़ा फैसला कंपनी के सबसे बड़े बॉस यानी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को लेकर होना है. इस मीटिंग में तय किया जाएगा कि वो आगे इस कुर्सी पर बैठेंगे या उनकी विदाई होगी. इसके अलावा रिजर्व बैंक (RBI) के एक बड़े आदेश पर भी मुहर लगनी है.

बॉस की कुर्सी को लेकर क्या है तैयारी

मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल अगले साल फरवरी में खत्म हो रहा है. कंपनी की एक खास कमेटी ने उनसे अपील की है कि वो अपना पद छोड़ने का फैसला बदल लें. कमेटी चाहती है कि चंद्रशेखरन अगले पांच साल तक कंपनी की कमान संभालते रहें. आज होने वाली बोर्ड मीटिंग से ठीक पहले ये कमेटी भी आपस में मिलने वाली है.

ऐसा माना जा रहा है कि आज मीटिंग में उनके नाम पर मुहर लग सकती है. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि उन्हें पूरे पांच साल के लिए पहले जैसी ही पावर मिलेगी या फिर उनके काम करने का तरीका कुछ बदला जाएगा. इस मामले पर बोर्ड के सदस्य वोटिंग भी कर सकते हैं.

शेयर बाजार में आने का दबाव

चंद्रशेखरन की कुर्सी के अलावा मीटिंग में एक और बड़ा मुद्दा है. ये मुद्दा रिजर्व बैंक के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि टाटा संस को अब शेयर बाजार में आना ही होगा. पहले कंपनी ने रिजर्व बैंक से गुजारिश की थी कि उन्हें इन नियमों से छूट दी जाए. लेकिन रिजर्व बैंक ने उनकी अपील साफ खारिज कर दी.

नियम के मुताबिक, बड़ी फाइनेंस कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट होना पड़ता है. आज बोर्ड को ये तय करना है कि वो रिजर्व बैंक की बात मानेंगे या इसके खिलाफ जाएंगे. ज्यादातर लोगों का मानना है कि कंपनी बिना किसी विरोध के ये बात मान लेगी. अगर ऐसा होता है, तो अगले कुछ महीनों में टाटा संस को शेयर बाजार में आने की तैयारी तेज करनी होगी.

नोएल टाटा के रुख का इंतजार

टाटा संस में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट्स की है. इसके चेयरमैन नोएल टाटा हैं. अगर नोएल टाटा मीटिंग में ये कहते हैं कि हमें रिजर्व बैंक के फैसले को कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए, तो मीटिंग में बड़ा विवाद हो सकता है. हालांकि, ऐसा होने की उम्मीद कम है.

इसकी एक बड़ी वजह ये है कि टाटा के एक बड़े ट्रस्ट पर अभी कानूनी जांच की वजह से रोक लगी हुई है. वो ट्रस्ट न तो कोई मीटिंग कर सकता है, न ही वोट कर सकता है. ऐसे में नोएल टाटा के पास रिजर्व बैंक से टकराने के लिए जरूरी समर्थन शायद न बचे. कंपनी के कई लोग भी यही मानते हैं कि ट्रस्ट को ऐसे विवादों में नहीं पड़ना चाहिए.

वोट बराबर हुए तो कैसे होगा फैसला

कंपनी के नियमों के मुताबिक, कुछ खास फैसलों के लिए ट्रस्ट के सदस्यों की रजामंदी बहुत जरूरी होती है. अभी ट्रस्ट के सिर्फ दो सदस्यों के पास वोट डालने का अधिकार है. कानून के जानकारों का कहना है कि अगर वोटिंग के दौरान दोनों सदस्य अलग-अलग राय रखते हैं. अगर वोट 1-1 से बराबर हो जाते हैं, तो मामला फंस सकता है.

ऐसे में ट्रस्ट की पावर कम हो जाएगी. नियम ये भी कहते हैं कि अगर वोट बराबर हो जाएं, तो मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे चेयरमैन का वोट ही फाइनल माना जाएगा. कुल मिलाकर, आज की मीटिंग में लिए गए फैसले टाटा कंपनी का आगे का रास्ता तय करने वाले हैं.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

Read More

google button