उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर सुर्खियों में आए बर्खास्त सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा ऑफर दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूर्व आरक्षी सुनील शुक्ला को अपने साथ 1 लाख रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर काम करने का प्रस्ताव भेजा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूर्व आरक्षी सुनील शुक्ला को अपने साथ 1 लाख रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर काम करने का प्रस्ताव दिया है।
- Published: 24 Jul 2026, 03:48 PM IST
- Last Updated: 24 Jul 2026, 03:48 PM IST
अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित प्योर रामसेवक मिश्र गांव के रहने वाले सुनील कुमार शुक्ला 2015 बैच के यूपी पुलिस आरक्षी हैं। वे लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात थे। जून 2026 में पुलिस सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उनके समर्थन में सामने आए हैं और उन्हें एक लाख रुपये महीने की नौकरी देने का खुला प्रस्ताव दिया है।
मई 2026 में वीडियो वायरल कर अफसरों पर लगाए थे संगीन आरोप
सिपाही सुनील शुक्ला ने मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर कर्मचारियों से खुलेआम वसूली की जाती है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तुलना 'काले अंग्रेजों' से करते हुए विभाग में फैला भ्रष्टाचार उजागर करने का दावा किया था। इस वीडियो के सामने आते ही पुलिस कमिश्नर ने 7 मई 2026 को मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस की पीएसी इकाई में व्याप्त अनियमितता एवं मूवमेंट में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं जबरन मूवमेंट द्वारा राजकीय कोष का दुरुपयोग @myogiadityanath माननीय आखिरकार पुलिस/पीएसी कर्मचारियों को कब मिलेगा न्याय? @BBCHindi @UPNewsHindi @aajtak @yadavakhilesh @TheLallantop… pic.twitter.com/jzYX6sK1Ji
— Sipahi Sunil Shukla (@SunilShukl82761) May 13, 2026
जांच में नहीं मिले साक्ष्य, अनुशासनहीनता पर 28 जून को हुए बर्खास्त
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा कराई गई विभागीय जांच में सुनील शुक्ला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने, सोशल मीडिया नीति-2023 और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 का कड़ा उल्लंघन करने के आरोप में 28 जून 2026 को सुनील शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद सुनील ने कहा था कि उन्हें विभाग में सच बोलने का इनाम दिया गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बढ़ाया मदद का हाथ, थमाया बंपर ऑफर
पुलिस सेवा से बाहर किए जाने के बाद अब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सुनील शुक्ला के प्रति सहानुभूति जताते हुए उन्हें अपने संस्थान में काम करने का ऑफर दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें 1 लाख रुपये प्रति माह के आकर्षक वेतन पर अपने साथ जुड़ने का ऑफर दिया है।