September 18, 2026

'Surendra Koli की हत्या हुई', Nithari Case में मृत बच्ची के पिता का दावा, बोले- 'कोई बड़ा राज खुलने वाला था'

Time Published: Friday, September 18, 2026, 23:24 [IST]

Surendra Koli Death Nithari Victim Father News: निठारी कांड में सभी 13 मामलों में बरी हो चुके सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद एक बार फिर इस मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कोली शुक्रवार (18 सितंबर) को भूपतवाला इलाके में अपनी चाय की दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम भेजी और फिलहाल मौत को प्रथमदृष्टया आत्महत्या मान रही है। मौके से कोई नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम और पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है।

इसी बीच निठारी कांड में जान गंवाने वाली बच्ची के पिता झब्बू लाल (64) ने कोली की मौत को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कोली की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने के कई महीने बाद कोली आत्महत्या क्यों करेगा? झब्बू लाल ने यह भी आशंका जताई कि शायद कोली किसी अहम जानकारी का खुलासा करने वाला था। हालांकि, पुलिस ने हत्या के इस दावे की पुष्टि नहीं की है और मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्यों हत्या बता रहा झब्बू?

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इनसेट में मृत बच्ची के पिता।

पहले समझिए पूरा मामला

18 सितंबर 2026: हरिद्वार में चाय की दुकान पर सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक, कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था। उसने हाल ही में भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान शुरू की थी। मौके पर फोरेंसिक टीम पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस को अभी तक कोई नोट नहीं मिला है। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। इसी बीच निठारी की एक पीड़िता के पिता ने इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की है।

Who Is Jhabbu Lal: कौन हैं झब्बू लाल, जिन्होंने हत्या का दावा किया?

झब्बू लाल की 15 साल की बेटी 2005 में निठारी से लापता हुई थी। बाद में बरामद अवशेषों की पहचान निठारी मामले की मृत बच्चियों में हुई। झब्बू लाल और उनकी पत्नी सुनीता करीब दो दशक से अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले हैं और करीब चार दशक पहले काम की तलाश में निठारी आए थे।

कोली की मौत के बाद झब्बू लाल ने कहा कि अगर वह जेल में रहते हुए आत्महत्या करता तो इसे समझा जा सकता था, लेकिन रिहाई के बाद कई महीने बाहर रहने के बाद उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोली शायद निठारी मामले से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी बताने वाला था और इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस को कोली कहां मिला?

पुलिस के मुताबिक, कोली का शव हरिद्वार के सप्त सरोवर रोड स्थित एक किराए की चाय की दुकान में मिला। वह पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और हाल में उसने भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान शुरू की थी। सर्किल ऑफिसर शिशुपाल सिंह नेगी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। फिलहाल पुलिस इसे प्रथमदृष्टया आत्महत्या मान रही है।

निठारी कांड में कोली की भूमिका क्या थी?

निठारी कांड दिसंबर 2006 में सामने आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के D-5 बंगले के पीछे और आसपास के नाले से मानव अवशेष, खोपड़ियां और हड्डियां मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया। कोली उस समय पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। इसके बाद उस पर कई हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हुए। उसे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया और कई मामलों में मौत की सजा भी सुनाई गई थी। लेकिन बाद की न्यायिक प्रक्रिया में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

13 मामलों में कैसे बरी हुआ कोली?

सुरेंद्र कोली को निठारी से जुड़े कुल 13 मामलों में आखिरकार बरी कर दिया गया। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे कई मामलों में बरी किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी जुलाई 2025 में इन फैसलों को बरकरार रखा। निठारी से जुड़े आखिरी मामले में नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए उसे बरी कर दिया। इसके बाद वह जेल से बाहर आया।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया था कि सिर्फ शक या परिस्थितिजन्य अनुमान के आधार पर आपराधिक सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा था कि निठारी की घटनाएं बेहद गंभीर थीं, लेकिन जांच के बावजूद वास्तविक अपराधी की पहचान कानूनी मानकों के मुताबिक साबित नहीं हो सकी। यानी कानूनी स्थिति यह है कि कोली को निठारी से जुड़े सभी 13 मामलों में दोषमुक्त किया जा चुका था।

मोनिंदर सिंह पंढेर का क्या हुआ?

मोनिंदर सिंह पंढेर भी निठारी मामले में सह-आरोपी था। उसे भी लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2023 में उन्हें एक मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद वे 20 अक्टूबर 2023 को जेल से बाहर आया। झब्बू लाल ने कोली की मौत के बाद पंढेर को लेकर भी आरोप लगाए हैं और उसे मामले का मुख्य आरोपी बताया है।

अब कोली की मौत में सबसे बड़े सवाल

कोली की मौत के बाद फिलहाल कई सवाल पुलिस जांच के केंद्र में हैं...

1. क्या यह आत्महत्या थी?

पुलिस की शुरुआती जांच में ऐसा ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगा।

2. क्या किसी ने उसकी हत्या की?

झब्बू लाल ने ऐसा आरोप लगाया है, लेकिन अभी पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है।

3. मौके से सुसाइड नोट मिला?

नहीं। उपलब्ध पुलिस जानकारी के मुताबिक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

4. कोली हरिद्वार में क्या कर रहा था?

रिहाई के बाद वह हरिद्वार चला गया था और आजीविका के लिए चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस के अनुसार वह पिछले कुछ महीनों से वहां रह रहा था।

5. मौत की असली वजह कब स्पष्ट होगी?

पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की जांच के बाद।

(PTI इनपुट के साथ)