Sep 06, 2026 05:47 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

साल 2022 में अनिमेष ने IAS बनने के लिए UPSC की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के खुद से पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने रोज 6 से 7 घंटे तैयारी को दिए थे।

आईएएस अनिमेष प्रधान की सक्सेस स्टोरी
यूपीएससी सीएसई का फाइनल रिजल्ट जब भी आता है, तो उसमें से कुछ कहानियां बेहद ही प्रेरणादायक होती हैं। एक ऐसी ही कहानी है आईएएस अनिमेष प्रधान की, जिन्होंने अपने मेहनत के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षा को बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में ना सिर्फ क्रैक किया, बल्कि देशभर में दूसरी रैंक (AIR 2) हासिल कर एक मिसाल भी कायम किया। हालांकि अनिमेष के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। क्योंकि कम उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया। तब उन्हें बड़ा झटका लगा। फिर सारी जिम्मेदारी मां के कंधे पर आ गई। फिर उन्हें एक और बड़ा झटका तब लगा जब यूपीएएसी की तैयारी के दौरान उनकी ने भी दुनिया से अलविदा कह दिया। इससे वो टूट गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े। उनकी कहानी लाखों लोगों को प्रेरित करती है। चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बता आईएएस अनिमेष प्रधान की।
कौन हैं अनिमेष प्रधान
अनिमेष प्रधान ओडिशा के तालचेर से ताल्लुक रखते हैं। शुरुआत से ही वो काफी मेहनती रहे हैं। लेकिन जीवन ने उन्हें बहुत जल्दी कठिनाइयों से सामना करा दिया, जब उनके पिता का निधन हो गया और परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। 2015 में जब वे 11 वीं कक्षा में थे, तो पिता प्रभाकर प्रधान का निधन हो गया। तब सारी जिम्मेदारी मां ने संभाला।
अनिमेष प्रधान की पढ़ाई-लिखाई
अनिमेष की पढ़ाई की शुरुआत तालचेर स्थित कलिंगा DAV स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत से अलग पहचान बनाई। अनिमेष प्रधान ने 2021 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), राउरकेला से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया। फिर उनका मन यूपीएससी की तरफ गया।
यूपीएससी की तैयारी के दौरान मां का निधन
अनिमेष जब यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तब दुर्भाग्य से उनकी मां को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया। बाद में उनकी कैंसर ने उनकी मां को छीन लिया। लेकिन अनिमेष प्रधान ने कभी हार नहीं मानी। जब उनकी मां का इलाज चल रहा था, तब भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार, उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। बता दें किउनकी मां पहले महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) में कार्यरत थीं।
क्या थी स्ट्रैटेजी
साल 2022 में अनिमेष ने IAS बनने के लिए UPSC की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के खुद से पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने रोज 6 से 7 घंटे तैयारी को दिए थे। उनका ऑप्शनल विषय सोशियोलॉजी था। उनकी सफलता का आधार उनका दृढ़ निश्चय, धैर्य और लगातार मेहनत रहा, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति दी। एक इंटरव्यू में वो कहते हैं कि अगर मैं विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सफल हो सकता हूं, तो दृढ़ संकल्प रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस परीक्षा को पास कर सकता है।