Sep 06, 2026 09:55 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

प्रशांत के मुताबिक उन्होंने साल 2016 में MPPSC की तैयारी शुरू की थी। अपनी मेहनत और सही दिशा में तैयारी के दम पर सिर्फ 20 साल की उम्र में वह DSP के पद पर चयनित हुए।

प्रशांत उइके की सक्सेस स्टोरी
कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिन्हें पढ़कर आप सिर्फ सीखते ही नहीं हो, बल्कि आपके अंदर भी कुछ नया और बड़ा करने का जुनून सवार हो जाता है। एक ऐसी ही कहानी है प्रशांत उइके। जिन्होंने महज 20 साल की उम्र में ही MPPSC परीक्षा पास करके DSP का पद हासिल कर लिया था। लेकिन उनके साथ एक ऐसे हादसा हुआ कि नौकरी छोड़नी पड़ी। वो कई दिनों तक अपनी तकलीफियों से जुझते रहें। इसी दौरान लोग उन्हें ताने भी मारने लगे थे। तमाम हालातों से घबराने के बजाय डटे रहें और दोबारा एग्जाम दिया। फिर क्या था इस बार वो डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए। ऐसे में उन्होंने ना सिर्फ दूसरों के लिए मिसाल बनें, बल्कि उनका भी मुंह बंद करा दिया, जो कभी उनका मजाक उड़ाते थे। चलिए आज हम आपको इस शख्सियत से मिलवाते हैं।
प्रशांत उइके की कहानी
यह कहानी है मध्य प्रदेश के एक आदिवासी जिले बैतूल से ताल्लुक रखने वाले प्रशांत उइके की। उन्होंने एक वीडियो के जरिए अपनी सफलता की कहानी शेयर की है। उनकी जर्नी शुरू करने से पहले ये जानते हैं कि उन्होंने कहां से पढ़ाई-लिखाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एक्सीलेंस स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा के बाद जेएच कॉलेज से उच्च शित्रा प्राप्त की है। ग्रेजुएशन के बाद प्रशांत राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने इसके लिए दिल्ली जाकर कोचिंग की।
2016 में शुरू की थी एमपीपीएससी की तैयारी
प्रशांत के मुताबिक उन्होंने साल 2016 में MPPSC की तैयारी शुरू की थी। अपनी मेहनत और सही दिशा में तैयारी के दम पर सिर्फ 20 साल की उम्र में वह DSP के पद पर चयनित हुए। यह सफलता सिर्फ अकेले का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का भी था। साथ ही साथ वो जिस इलाके से आते हैं, वहां यह उपलब्धि किसी बड़े मुकाम से कम नहीं थीं। प्रशांत की सफलता से सब खुश थें। लेकिन उनकी लाइफ में कुछ और ही मंजूर था।
पैर में आई गंभीर चोट
लेकिन पोस्टिंग से पहले ही उनका एक्सीडेंट हो गया। पैर में गंभीर चोट और गैंग्रीन की समस्या के कारण उन्हें अस्पताल में कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। ऐसी शारीरिक स्थिति में पुलिस की वर्दी और फील्ड ड्यूटी करना उनके लिए लगभग असंभव हो गया था। लिहाजा उन्हें डीएसपी का पद छोड़ना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी।
वीडियो में वो बताते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें समाज के कटाक्षों का भी सामना करना पड़ा। लोग उन पर तरह-तरह की बातें बनाने लगे, हंसने लगे और कई लोगों ने अफवाह फैला दी कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। इन सब के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। फिर दोबारा से एमपीपीएससी की तैयारी में जुट गए।
बने डिप्टी कलेक्टर
साल 2019 और 2020 की परीक्षाओं के दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रखा। 9 जून 2023 की तारीख को आखिरकार वो दिन आ ही गया, जब रिजल्ट की घोषणा हुआ और इस बार प्रशांत को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पोस्टिंग मिली। ऐसे में उनकी सफलती की यह मिसाल हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है जो जीवन में कठिनाइयों की वजह से अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं।